बच्चेदानी बाहर आने के कारण और उपाय

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नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? क्या आप बच्चेदानी बाहर आने के कारण जानते है? भगवान ने जब यह सृष्टि बनाई तो उसके साथ नारी और पुरुष का जन्म हुआ। नारी को जन्म देने का वरदान प्राप्त हुआ। वैसे तो दुनिया में नारी को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है, लेकिन नारी में इतनी शक्ति है कि वह अपने अंदर एक जीवन को पालकर उसे जन्म देती है। उस दौरान उसे बहुत पीड़ा से गुजरना पड़ता है। जब भी बच्चियां किशोरावस्था में आती हैं, तो उन्हें पीरियड्स शुर होते हैं।

बच्चेदानी नारी के शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। उसकी देखभाल शुरू से अंत तक करनी चाहिए। गर्भाशय ऐसी संरचना है जो पेल्विस में अनेक मसल्स और लिगामेंट्स के सहारे अपनी जगह पर स्थिर रहती है। जब यह मसल्स और लिगामेंट्स कमजोर पड़ जाते हैं और उनमें कम या ज्यादा खिचाव आ जाता है। उस वजह से गर्भाशय को सहारा नहीं मिलता और गर्भाशय बाहर निकल आने की संभावना होती है। इसे मेडिकल भाषा में “यूटराइन प्रोलैप्स” कहते हैं। जिसमें बच्चेदानी अपनी जगह से सरक कर नीचे योनि की तरफ आ जाती है। आज हम जानेंगे बच्चेदानी या गर्भाशय बाहर आने के बारे में।

बच्चेदानी बाहर आने के कारण

महिलाओं में बच्चेदानी किसी भी समय और किसी भी उम्र में बाहर आ सकती है। लेकिन ज्यादातर रजोनिवृत्ति के पास होने से या फिर रजोनिवृत्ति होने के बाद बच्चेदानी बाहर आ सकती है। जिन महिलाओं के कई बार योनि द्वारा प्रसव हुए हों, उनमें  बच्चेदानी बाहर आने की समस्या होती है।

बच्चेदानी बाहर आने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे कि, योनि से प्रसव होना, एक या जुड़वा बच्चों की डिलीवरी योनि से होना, ज्यादा बार गर्भवती होना, रजोनिवृत्ति, पेल्विक सर्जरी, मोटापा, रजोनिवृत्ती के बाद हार्मोन्स में बदलाव होना आदि।

बच्चेदानी में इंफेक्शन के कारण

बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने के कई कारण हो सकते हैं। जो महिलाएं मां नहीं बन पाती हैं, वह अलग-अलग तरह के ट्रीटमेंट लेती हैं। बहुत वक्त से कंसीव करने की कोशिश करना, माहवारी में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग तथा पेट में दर्द होना, पेट के निचले हिस्से और कमर, पीठ में दर्द होना आदि कारणों से बच्चेदानी में इन्फेक्शन हो सकता है।

महिलाओं में हर महीने हार्मोन्स में बदलाव होते रहते हैं। महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन हमारे गर्भाशय को कंसीव करने के लिए उपयुक्त बनाते हैं। महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा तेज़ी से हार्मोन्स बदलते हैं। कभी-कभी इन सब बदलाव की वजह से महिलाओं में बच्चेदानी का इन्फेक्शन हो सकता है।

बच्चेदानी बाहर आने के लक्षण

अगर बच्चेदानी बाहर निकल रही होती है, तो हमें कुछ अनचाहे बदलाव महसूस होते हैं और लक्षण दिखाई देते हैं। इन बदलावों को नजरअंदाज न करें।

  1. आपको मलमूत्र का त्याग करते समय असहज लगना और दर्द होना।
  2. बच्चेदानी बाहर आते समय पेल्विस, कमर, पीठ, योनि और ग्रोइन में असहज महसूस होना और तकलीफ़ होना।
  3. प्रोलैप्स में अंदर से खींचाव महसूस होता है। शरीर संबंध बनाने के समय और पीरियड्स में आपको दर्द होता है। योनि में या उसके आजुबाजू भारीपन लगता है।
  4. कभी-कभी आपको मल मूत्र का त्याग करते समय बहुत ही ज्यादा दर्द होता है। क्योंकि, बच्चेदानी अपनी सही जगह पर नहीं होती है और उसमें इंफेक्शन हो जाता है।

अगर आपको यह लक्षण दिखने लगे तो आप तुरंत अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से संपर्क करें और उनसे सलाह मशवरा ले।

बच्चेदानी बाहर आने के इलाज

आपको अगर कोई भी अनचाहे बदलाव अपने शरीर में नजर आ रहे हैं, तो आप तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लें। डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट करवाने को बोलेंगे जिनसे उनको पता चलेगा कि यह समस्या कितनी गंभीर है। उसके बाद में वह आपको दवाइयां देंगे या फिर समस्या गंभीर होगी तो कोई सर्जरी करने को बोलेंगे। तो आप उनकी सलाह का जरूर विचार करें।

  1. दवाइयां- डॉक्टर आपको कुछ ऐसी दवाइयां लिख कर देंगे जिससे आपकी बच्चेदानी के आसपास की जो उतक है या मांसपेशियां है, वह मजबूत होने में मदद मिलेगी। जिससे आपकी बच्चेदानी अपनी उचित जगह पर रहेगी और बाहर नहीं आएगी। डॉक्टर आपको हार्मोनल ट्रीटमेंट देंगे। कुछ ऐसी दवाइयां देंगे जो आपको अंदर योनि में रखनी होगी।
  2. सर्जरी- अगर दवाइयों से भी आपको कुछ फर्क नहीं पड़ रहा हो, तो कुछ केसेस में डॉक्टर आपको सर्जरी की सलाह देते हैं। सर्जरी में डॉक्टर किसी और इंसान की उतक या स्किन ग्राफ्टिंग जैसी सर्जिकल प्रोसेस की मदद से आपके बच्चेदानी को उचित सहारा देंगे। जिससे बच्चेदानी अपनी उचित जगह पर रहेगी।

    कभी कभी गर्भाशय को निकालने की सर्जरी की सलाह भी डॉक्टर देंगे। लेकिन अगर आप मां बनना चाहती है, तो यह यह सलाह आपको नहीं दी जा सकती।

  3. वेजाइनल पेसरी- अगर आप सर्जरी नहीं करना चाहते हैं, तो डॉक्टर आपको वेजायनल पेसरी का ऑप्शन देंगे। यह एक ऐसा उपकरण होता है जो बच्चेदानी को सहारा प्रदान करता है और उसको उचित पोजीशन में बरकरार रखने के लिए मदद करता है। अगर आपकी बच्चेदानी कुछ ज्यादा ही बाहर निकल आई हो तो पेसरी लगाने से जलने या दर्द होने की संभावना रहती है। इसीलिए वेजाइनल पैसरी लगाने से पहले डॉक्टर के साथ कुछ सलाह मशवरा जरूर कर ले। वेजाइनल पैसरी लगाने के बाद डॉक्टर आपको कुछ दिशानिर्देश बताएंगे, उनका पालन जरूर करें।
बच्चेदानी बाहर आने के कारण और उपाय
बच्चेदानी बाहर आने के कारण और उपाय

महिलाओं में होने वाले इस समस्या का निवारण वक्त पर करना चाहिए। क्योंकि, थोडीसी भी देरी उनकी जान को खतरे में डाल सकती है। वक्त पर लक्षण जान करके अपने डॉक्टर की उचित सलाह लें और इस गंभीर समस्या से अपनी जान को बचाएं। धन्यवाद।

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