थायराइड ठीक करने के घरेलू उपाय

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? हमारी शरीर की रचना बड़ी ही जटिल है। हमारे गलत आहार-विहार के कारण हमें बहुत सारे रोगों का सामना करना पड़ता है। शरीर में कुछ ऐसी ग्रंथियां होती हैं, जो हमारे शरीर की कार्य प्रणाली को मजबूत एवं नियंत्रित करती हैं। उसमें से ही एक ग्रंथि है थायराइड ग्रंथि। तनावपूर्ण जीवन, खानपान में बदलाव, गलत तरीके की लाइफस्टाइल और गलत आदतों की वजह से हम थायरॉयड का शिकार हो जाते हैं। तो जानने की कोशिश करते है थायराइड ठीक करने के घरेलू उपाय ।

जैसे कि यह बीमारी गलत आदतों और तनावपूर्ण जीवन के कारण होती है, इसको ठीक करना और नियंत्रित रखने का काम हमारे हाथ में ही है। आयुर्वेद के अनुसार वात, पित्त और कफ़ का असंतुलन की वजह से यह बीमारी लगती है। थायराइड को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार पद्धति आजमा सकते हैं। एलोपैथी में इसे ठीक करने के लिए स्टेरॉइड युक्त औषधि का प्रयोग करते हैं। यह हमारे शरीर के लिए घातक साबित हो सकते हैं। तो दोस्तो, आज हम बात करेंगे थायराइड की समस्या के बारे में।

थायराइड क्या है

थायराइड ग्रंथि के कार्य प्रणाली में आए असंतुलन की वजह से थायरॉयड की बीमारी होती है। थायरॉयड ग्रंथि की सक्रियता के अनुसार उसके २ प्रकार होते हैं। पहला “हाइपर थाइरोएडिज्म” और दूसरा “हाइपो थाइरॉयडिज्म”। थायरॉयड ग्रंथि मानव शरीर में पाए जाने वाले सबसे बड़ी अतःस्त्रवी ग्रंथियों में से एक होती है, जो हमारे गले के निचले हिस्से में स्थित होती है।

थायराइड ग्रंथि कुछ ऐसे हार्मोन्स सीक्रेट करती हैं, जो हमारे पाचन क्रिया में उपयुक्त होते हैं। पाचन क्रिया में इस ग्रंथि का विशेष सहभाग और योगदान होता है। हमारे शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन सीक्रेट करते हैं, जो हमारे शरीर की हर क्रिया को नियंत्रित करते हैं। जैसे कि, ब्लड शुगर लेवल, ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल, ब्लड प्रेशर तथा स्त्रियों में हार्मोन का संतुलन, हमारे शरीर की हड्डियों, पेशियों तथा लैंगिक और मानसिक वृद्धि में भी थायराइड हार्मोन महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं।

थायराइड का कारण

थायराइड होने के कई कारण हो सकते हैं। इसमें हमारे जीवन शैली में बदलाव होने  से कुछ मेडिकल कंडीशन (बीमारी) होने तक के कारण समाविष्ट हो सकते हैं।

  1. सोया प्रोडक्ट का या सोया से भरे आहार का अपने रोजाना आहार में ज्यादा समावेश करना, इससे भी थायराइड की बीमारी हो सकती है।
  2. महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान थायराइड की बीमारी हो सकती है। क्योंकि, महिलाओं में इस दौरान बहुत से हार्मोनल बदलाव होते हैं; जिसकी वजह से थायराइड ग्रंथि प्रभावित हो सकती हैं।
  3. अगर आपके परिवार में दूसरे सदस्यों को थायराइड की बीमारी है, तो यह बीमारी अनुवांशिक भी हो सकती हैं।
  4. अपने आहार में आयोडीन की मात्रा कम या ज्यादा होने की वजह से भी ग्रंथि प्रभावित होती है और थायराइड की बीमारी लग सकती है।
  5. अगर आप बहुत ही ज्यादा तनावपूर्ण जीवन जी रहे हैं, इसमें शारीरिक और मानसिक दोनों तनाव समाविष्ट होते हैं; तो आपको यह बीमारी लग सकती हैं।
  6. थायराइड हार्मोन के उत्पादन पर असर होने के बाद थायराइड ग्रंथि प्रभावित होती है और उसकी वजह से ग्रंथि में सूजन आने के कारण भी थायराइड की बीमारी लग सकती हैं।

थायराइड होने के लक्षण

थायराइड के दो प्रकारों के अनुसार थायराइड के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। हाइपोथाइरॉएडिज्म और हाइपोथाइरॉएडिज्म यह थायराइड के दो प्रकार हैं। आइए जानते हैं उनके लक्षणों के बारे में।

  1. हाइपोथाइरॉएडिज्म- थायराइड ग्रंथि के कम सक्रियता की वजह से यह थायराइड होता है। इसकी वजह से थायराइड हार्मोन्स का उत्पादन प्रभावित होता है। इसके कई लक्षण होते हैं। जैसे कि, थकान महसूस होना, डिप्रेशन, वजन का बढ़ना, मेटाबॉलिज्म में कमी, ड्राई स्किन तथा अधिक रूखी त्वचा, धड़कन की गति धीमी होना, माहवारी में अनियमितता, शरीर पर सूजन, बालों का झड़ना, जोड़ों तथा मांसपेशियों में दर्द आदि इसके लक्षण होते हैं।
  2. हाइपरथाइरॉएडिज्म- थायराइड ग्रंथि के अधिक सक्रिय हो जाने की वजह से हाइपरथाइरॉएडिज्म देखने को मिलता है। T3 और T4 थायराइड हार्मोन का अधिक मात्रा में उत्पादन होता है। मेटाबॉलिज्म बढ़ना, चिड़चिड़ाहट महसूस होना, माहवारी में अनियमितता, शरीर में भारी मात्रा में कैल्शियम की कमी हो जाना, हाथ पैर कांपना, वजन घटना आदि इसके लक्षण होते हैं।

थायराइड का घरेलू इलाज

थायराइड एक ऐसी बीमारी है जिसको आप घरेलू इलाज से भी ठीक कर सकते हैं। क्योंकि, यह आपकी अनहेल्थी लाइफस्टाइल से रिलेटेड है। इसीलिए, आप अपनी लाइफ स्टाइल में सुधार लाएं और थायराइड की समस्या को दूर भगाएं।

  1. प्रोबायोटिक्स- प्रोबायोटिक्स विशिष्ट प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं जो आपके गट में पाए जाते हैं और पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं। अगर आपकी पाचन शक्ति कम हो और आपके पेट में गुड बैक्टीरिया की भी कमी हो, तो यह थायराइड को बढ़ावा दे सकता है। मार्केट में ऐसे बहुत सारे सप्लीमेंट मिलते है जो प्रोबायोटिक से भरपूर होते हैं। आप उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी के साथ आप दही, छाछ जैसे पदार्थों का इस्तेमाल अपने आहार में कर सकते हैं।
  2. संतुलित आहार- थायराइड में आपकी पाचन शक्ति प्रभावित होती है और उसकी वजह से आपका वजन बढ़ता है। इसीलिए आप अपना आहार संतुलित रखें। उसमें हर एक पौष्टिक पदार्थ का उचित मात्रा में सेवन करें। अपने आहार से मैदा, आर्टिफिशियल कलर, चाइनीस पदार्थ तथा पिज़्ज़ा-बर्गर जैसी चीजों को वर्जित करें। अपने आहार में फलों, साबुत सब्जियां और फलों के जूस का समावेश करें, जिससे आपका मेटाबॉलिज्म ठीक से होगा और थायराइड भी कंट्रोल में रहेगा।
  3. कैफ़ीन और शक्कर- अगर आपको थायराइड से छुटकारा पाना है, तो आपको शुगर और कैफीन को अपने जीवन से हटाना होगा। शुगर से शरीर में सूजन बढ़ती है, जो कि थायराइड को बढ़ावा दे सकती हैं। इसलिए आप शक्कर को कम से कम मात्रा में इस्तेमाल करें और कैफ़ीन की वजह से भी थायराइड को बढ़ावा मिलता है। इसीलिए आप केफिन को भी वर्जित करें। इसके अलावा आप फाइबर और प्रोटीन युक्त पदार्थ खाएं। जैसे कि दाल, हरी सब्जी, अंडे तथा मीट आदि का सेवन करें। इसकी वजह से आपके थायराइड ग्रंथि को रेगुलेट करने में मदद मिलती है और आपका थायराइड कंट्रोल में रहता है।
  4. एक्सरसाइज- थायराइड को कम करने में एक्सरसाइज, योग, प्राणायाम यह बहुत ही अहम रोल निभाते हैं। एक्सरसाइज तथा प्राणायाम को आप अपने रोजमर्रा की जिंदगी में समावेश करें और थायराइड को बढ़ने से रोके। हम सभी जानते हैं, कि एक्सरसाइज करने से हमें फायदे ही मिलते हैं। हमारे पूरे शरीर की प्रणाली ठीक से काम करती है। हमें एक्सरसाइज करने के बाद में अच्छा महसूस होता है, हमारा वजन नियंत्रित रहता है, हमारा मेटाबॉलिज्म ठीक से रहता है, हमारे शरीर के सारे हार्मोन्स संतुलित रहते हैं और जिससे थायराइड जैसी बीमारी से हम दूर रह सकते हैं।
थायराइड ठीक करने के घरेलू उपाय
थायराइड ठीक करने के घरेलू उपाय

तो दोस्तों, अन हेल्थी लाइफस्टाइल छोड़कर आप हेल्दी लाइफ़स्टाइल को अपनाए और थायराइड जैसी बीमारियों को अपने से कोसों दूर रखें। उम्मीद है आपको आज का यह ब्लॉग थायराइड ठीक करने के घरेलू उपाय अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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