प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन की दवा

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नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? हमारे पूरे जीवन में हम बहुत ही अलग अलग इंफेक्शंस का सामना करते हैं। कभी हमें स्किन इंफेक्शन हो जाता है, कभी पेट में गड़बड़ी हो जाती हैं, तो कभी हमें एलर्जी हो जाती है। इन सब चीजों से हमें बहुत ही तकलीफ होती हैं। हमारी कुछ गलत आदतों की वजह से या फिर हम हमारी पर्सनल हाइजीन मेंटेन नहीं करते हैं, तो उसकी वजह से भी यह प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन हो सकते हैं।

महिलाओं को हर महीने माहवारी आती हैं। उस दौरान उनको प्राइवेट पार्ट में कभी-कभी खुजली या फिर जलन महसूस होती है। लेकिन यहां हर महीने की बात होती है, इसलिए महिलाएं उसे नजरअंदाज कर देती हैं। महिलाओं के साथ साथ ही फंगल इन्फेक्शन की समस्या पुरुषों में भी देखने को मिलती है। इसमें प्राइवेट पार्ट में जलन होना, खुजली आना, कभी कभी बदबू आना ऐसे लक्षण देखने को मिलते हैं। खासकर गर्मियों और बारिश के मौसम में यह समस्या आम है। फंगल इन्फेक्शन महिलाओं में ज्यादा तौर पर देखा गया है। अगर आपको बार-बार यह समस्या हो रही है, तो आप इसे नजरअंदाज ना करें। तो चलिए दोस्तों, आज जानते हैं प्राइवेट पार्ट के फंगल इन्फेक्शन के बारे में।

प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन का कारण

प्राइवेट पार्ट में होने वाला फंगल इन्फेक्शन “कैंडिडा” यह महिलाओं में काफी आम बात है। पुरुषों में भी यह इंफेक्शन हो सकता है। प्राइवेट पार्ट में होने वाले इन्फेक्शन को “वल्वो वेजाइनल कैंडीडायसिस” कहते हैं। एक्सपोर्ट के अनुसार, कैंडिडा हमारे शरीर में पहले से ही नॉर्मली मौजूद रहती है। अगर हम हमारे प्राइवेट पार्ट की ठीक से देखभाल ना करें या हमारी इम्यूनिटी बहुत ही ज्यादा कमजोर हो, तो ऐसे केसेस में यह इन्फेक्शन बहुत ही जल्दी होता है।

हमारी इम्यूनिटी कम होने की वजह से हमारे प्राइवेट पार्ट का पीएच वैल्यू नॉर्मल से बढ़ जाए या कम हो जाए, पीएच वैल्यू में बदलाव आ जाए या आपको एचआईवी का इंफेक्शन या डायबिटीज है, तो ऐसे परिस्थिति में भी आपको या इंफेक्शन हो सकता है।

प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन के लक्षण

प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन होते ही आपको तुरंत समझ में आ जाता है, कि कुछ तो गड़बड़ी है। क्योंकि, तुरंत ही इसके लक्षण दिखने लगते हैं।

  1. प्राइवेट पार्ट में जलन, खुजली होने लगती है।
  2. महिलाओं में फंगल इंफेक्शन होने के बाद में योनि में दर्द होना शुरू हो जाता है।
  3. फंगल इंफेक्शन होने के बाद महिलाओं के योनि से निकलने वाले डिस्चार्ज से बदबू आने लगती हैं।
  4. पुरुषों में पेनिस की फोर स्किन पर रेडनेस और कर्डी डिपॉजिट्स आने लगते हैं।
  5. महिलाओं में योनि में रेडनेस, रैशेज और इरीटेशन होने लगता है।

प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन पर इलाज

प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन होने के बाद में आपको तुरंत ही लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। लक्षण दिखने के बाद में आप कुछ घरेलू उपाय आजमा सकते हैं। घरेलू उपाय आजमाने के बाद भी अगर आपको कोई परिणाम ना दिख रहा हो, तो आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं।

घरेलू इलाज

दोस्तों, हमारे घरों में ही कुछ ऐसी चीजें छुपी हुई होती है; जिनके आयुर्वेदिक उपायों के बारे में हमें पता नहीं होता है। तो आइए देखते हैं फंगल इंफेक्शन के घरेलू इलाज के बारे में।

  1. टी ट्री ऑइल- टी ट्री ऑयल के 4 से 5 बूंदे आप प्राइवेट पार्ट पर लगाएं। टी ट्री ऑयल में एंटी फंगल, एंटी बैक्टीरियल तथा एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। जिसकी वजह से आपके इंफेक्शन में राहत मिलती हैं और आपको दर्द नहीं होता है। एक कप पानी में कुछ बूंदे टी ट्री ऑइल और एक चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इसे योनि के प्रभावित जगह पर लगाए। दिन में २-३ बार इसका इस्तेमाल करें।
  2. दही और शहद- दही ठंडी तासीर वाला होता है। जिससे हमारे शरीर में ठंडक मिलती है। दही और शहद का मिश्रण बनाकर दिन में आप एक बार खा सकते हैं। दही में प्रीबायोटिक्स के गुण होते हैं। जिससे आपके शरीर में हुए बैक्टीरिया के असंतुलन को यह ठीक करता है। आपके प्राइवेट पार्ट में होने वाली जलन तथा खुजली को कम करता है। शहद एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों से युक्त होता है। जिसकी वजह से आपको प्राइवेट पार्ट में होने वाले दर्द से आराम मिलता है।
  3. एप्पल साइडर विनेगर- एक गिलास पानी में एक से डेढ़ चम्मच एप्पल सीडर विनेगर मिलाकर पी सकते हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीफंगल गुण होते हैं। जिसकी वजह से प्राइवेट पार्ट में होने वाली खुजली, जलन तथा दर्द को कम होने में मदद मिलती है। प्राइवेट पार्ट के बदले हुए पीएच को एप्पल साइडर विनेगर मेंटेन रखता है। एप्पल साइडर विनेगर किसी औषधि से कम नहीं है। शायद ही ऐसी कोई चीज होगी जिसके इलाज में इसका उपयोग नहीं होता है।
  4. नारियल का तेल- अध्ययन के अनुसार, नारियल का तेल प्राइवेट पार्ट में हुए फंगल इंफेक्शन के लिए बहुत ही उपयुक्त साबित हुआ है। इसमें एंटी फंगल गुण होते हैं। यह भी साबित हुआ है, कि नारियल का तेल से ५२ प्रकार की कैंडिडा प्रजातियों को मारने में प्रभावी है। प्रभावित हुए प्राइवेट पार्ट में दिन में दो से तीन बार नारियल का तेल लगाएं। इसकी वजह से आपके प्राइवेट पार्ट में हो रही खुजली और जलन से आपको राहत मिलेगी।
  5. डॉक्टर की सलाह- अगर इन सब घरेलू इलाज के बाद भी आप की प्राइवेट पार्ट में हो रही फंगल इंफेक्शन ठीक ना हो रहे हो; तो आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। आप डर्मेटोलॉजिस्ट के पास जा सकते हैं या फिर आप महिला है तो किसी गाइनेकोलॉजिस्ट के पास जा सकती हैं। आपके इंफेक्शन के अनुसार, डॉक्टर आपको कुछ एंटीफंगल तथा एंटीबैक्टीरियल दवाइयां देंगे, जिससे आपके प्राइवेट पार्ट में हो रही सूजन, जलन तथा खुजली को कम करने में आसानी होगी और जल्द से जल्द आप ठीक हो सकते हैं।

प्राइवेट पार्ट में फंगल इन्फेक्शन होने से कैसे बचें

रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी पर्सनल हाइजीन मेंटेन करना, अपने प्राइवेट पार्ट की सफाई रखना, महिलाओं में माहवारी आने के वक्त ज्यादा सावधानी रखना, प्राइवेट पार्ट में रोजाना सफाई करना और पुरुषों में भी प्राइवेट पार्ट की देखभाल रखना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यह सब पर्सनल हाइजीन मेंटेन करके आप प्राइवेट पार्ट में हो रहे फंगल इंफेक्शन से बच सकते हैं।

प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन की दवा
प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन की दवा

दोस्तों, प्राइवेट पार्ट या फिर योनि हमारे शरीर का बहुत ही नाजुक तथा महत्वपूर्ण अंग होता है। इसलिए, उसका ध्यान रखने की जिम्मेदारी हमारे ऊपर होती है और वह हमें रखना चाहिए। उम्मीद है आपको आज का ब्लॉग प्राइवेट पार्ट में फंगल इंफेक्शन की दवा अच्छा लगा हो और इससे आपको महत्वपूर्ण जानकारी मिली हो। धन्यवाद।

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