प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने के कारण और उपाय

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प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने के कारण और उपाय

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग
प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होना यह एक गंभीर समस्या भी हो सकती है। बहुत से महिलाओं का यह सवाल होता है कि प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग हो सकती है क्या या फिर प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होना सही है या नहीं। वैसे तो प्रेगनेंसी में थोड़ा सा भी ब्लड स्पॉट गर्भपात का कारण बन सकता है लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण है कि आप को ब्लडिंग प्रेगनेंसी के किस महीने में हो रही है। प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होना यह एक असामान्य बात है। अगर आपको प्रेगनेंसी के किसी भी महीने में कभी भी ब्लीडिंग हो रही है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले। तो आइए दोस्तों इस लेख में हम आपको प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने के कारण और उसे रोकने के उपाय जानेंगे जिसका आपको आगे चलकर बहुत ज्यादा फायदा होगा।

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने के कारण :-

  1. हारमोंस के बदलाव के वजह से प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग जैसे समस्या हो सकती है।
  2. प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से भी ब्लीडिंग होने की आशंका बढ़ जाती है।
  3. अगर प्रेग्नेंट महिला के पेट में कोई घाव लगा है तो इसके कारण गर्भाशय फटने का भी खतरा बढ़ता है।
  4. भ्रूण गर्भ में इन प्लांट होने लगता है तब यह ब्लीडिंग गर्भावस्था के शुरुआत में होती है।
  5. जननांग में कोई इंफेक्शन होने की वजह से भी यह समस्या हो सकती है।

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने पर उसके उपाय :-

  1. अगर आपको पहले 3 महिलाओं में मुत्रांग के दौरान रक्तस्राव हो रहा है तो यह एक्टोपिक प्रेगनेंसी का लक्षण भी हो सकता।
  2. एक्टोपिक प्रेगनेंसी में गर्भ महिला के गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है और महिला को ऐसा एहसास दिलाता है कि गर्भ का विकास हो रहा है।
  3. प्रेगनेंसी के 3 से 9 महीने में अगर आपको रक्तस्त्राव हो रहा है तो यह एक गंभीर समस्या हो सकती है। 3 से 9 महीने के बीच अगर आपको रक्तस्राव की समस्या हो रही है तो जल्द ही डॉक्टर के पास जाकर उनकी सलाह ले।
  4. प्रेगनेंसी के दौरान रक्तस्राव होने पर शारीरिक संबंध ना बनाएं। इससे परेशानी और भी बढ़ जाती है।
  5. रक्त स्त्राव होने के पैड या पैंटी पहने इससे आपको यह पता चलेगा कि रक्तस्राव कैसा और कितना हो रहा है।
  6. प्रेगनेंसी के दौरान ब्लडिंग अगर आपको ज्यादा प्रमाण में हो रही है तो जल्द ही डॉक्टर के पास जाएं और उनकी सलाह के मुताबिक इलाज करे।
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