पतंजलि में फंगल इन्फेक्शन की दवा

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज कल फंगल इन्फेक्शन काफी आम होते जा रहे हैं। फंगल इंफेक्शन फंगस की संक्रमण से होता है। फंगस की अलग अलग प्रकार की प्रजातियां पाई जाती हैं। यह फंगस घरेलू सतह, आपकी त्वचा, पौधों पर पाई जाती हैं। फंगल इंफेक्शन त्वचा सबंधित रोगों में से एक है। इस संक्रमण की वजह से दाद, खाज, खुजली, रेडनेस, रैशेज आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वैसे तो, फंगल इंफेक्शन पर हम कुछ घरेलू उपाय आजमाते हैं या डॉक्टर के पास जाकर दवाइयां लेते हैं। आज हम जानेंगे पतंजलि में फंगल इन्फेक्शन की दवा के बारे में।

कुछ सालो पहले तक हम भारतीयों को योग तथा प्राणायाम के बारे में बहुत कम जानकारी थी। लेकिन, योगगुरु बाबा रामदेवजी ने भारत में योगासन और प्राणायाम के फायदे बहुत अच्छे से समझाएं। बड़ी से बड़ी बीमारी से पीड़ित रोगियों के उपचार हेतु योग का इस्तेमाल किया गया। इनके परिणाम भी देखने को मिले। आचार्य बालकृष्ण जी के साथ मिलकर बाबा रामदेव ने अनेक पद्धति की आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण किया है। इसमें फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए भी दवाएं उपलब्ध है। तो दोस्तों, आज जानेंगे फंगल इंफेक्शन के लिए पतंजलि की दवाइयां।

फंगल इंफेक्शन के कारण

फंगल इंफेक्शन के कई कारण होते हैं।

  1. कमजोर रोग प्रतीकराक क्षमता होने से भी फंगल इंफेक्शन होता है।
  2. एक फंगल इंफेक्शन संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से आप भी संक्रमित हो सकते हैं।
  3. ज्यादा नम वातावरण में रहने से फंगल इंफेक्शन हो सकता है।
  4. महिलाओं में सैनिटरी नैपकिन यूज करने से जांघो के आसपास फंगल इंफेक्शन हो जाता है।

फंगल इंफेक्शन के लक्षण

फंगल इंफेक्शन के कई लक्षण होते हैं। आमतौर पर; दाद, खाज, खुजली होना, त्वचा पर रेड पैचेज आना यह लक्षण दिखाई देते हैं।

  1. प्रभावित त्वचा पर दाद, खाज, खुजली होना।
  2. प्रभावित हिस्से पर रेडनेस होना और रेड पैचेज आना।
  3. प्रभावित त्वचा ड्राई हो जाती है, उसमें दरारे पड़ जाते हैं और उससे पपड़ी निकलने लगती है।
  4. फंगल इंफेक्शन होने पर त्वचा में झनझनाहट महसूस होती है और जलन होती है।
  5. फंगल इंफेक्शन अधिक होने पर कभी-कभी आपकी त्वचा में सूजन आ जाती है और वहां दर्द होने लगता है।

पतंजलि दावा फंगल इंफेक्शन के लिए

पतंजलि में फंगल इन्फेक्शन की दवा और ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट है, जो आपको फंगल इंफेक्शन से बचाते हैं। इसी के साथ, त्वचा के अन्य रोगों पर भी यह काम करते हैं।

  1. दिव्य कायाकल्प क्वाथ- दिव्य कायाकल्प क्वाथ में एंटीफंगल और एंटीमाइक्रोबॉयल तत्व पाए जाते हैं। इसीलिए, फंगल इन्फेक्शन को मिटाने के लिए और उससे राहत पाने के लिए आप दिव्य कायाकल्प क्वाथ का इस्तेमाल करें। यह आपकी त्वचा में फंगल इन्फेक्शन के लक्षणों को काफी हद तक कम करता है और त्वचा में नेचुरल रंगत वापस लौट आती है। इसी के साथ, इसका सेवन करने से हमारी रोगप्रतिकारक शक्ति भी बढ़ती है। जिससे हमारा शरीर अन्य त्वचा रोगों से लड़ने के लिए काफी मजबूत हो जाता है। दिव्य कायाकल्प क्वाथ पूरी तरह से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बना होता है। इसका सेवन करने से आपको कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होगा। इसीलिए, फंगल इंफेक्शन के मरीजों के लिए यह वरदान साबित होता है।
  2. दिव्य बकुची चूर्ण- बकूची एक बहुत ही महत्वपूर्ण और शक्तिशाली बीज होता है। इस बीज के सेवन से हमारे शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकलते हैं। यह शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है। फंगल इंफेक्शन के मरीजों के लिए बकूची चूर्ण बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। इससे आपका फंगल इन्फेक्शन कम होने में मदद मिलती है और अन्य त्वचा रोगों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  3. दिव्य कायाकल्प वटी एक्स्ट्रा पावर- यह वटी एग्जिमा, कुष्ठ रोग जैसी त्वचा की बीमारियों के लिए काफी असरदार साबित होता है। यह शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकालता है और आपके शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है। इसके सेवन से फंगल इंफेक्शन से काफी राहत मिलती है। यह पूरी तरह से जड़ी बूटियों से बना हुआ आयुर्वेदिक दवाई है।
  4. दिव्य कायाकल्प तेल- दिव्य कायाकल्प तेल फंगल इंफेक्शन में बहुत लाभदायक होता है। इसका उपयोग करने से खुजली, झनझनाहट और जलन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। इस तेल के इस्तेमाल से हमारी त्वचा की रंगत निखरती है। यह तेल हमारी त्वचा पर मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है और त्वचा को पोषण प्रदान करता है। हमारी त्वचा पर दाद का कारण बननेवाले कीटाणुओं को खत्म करने के लिए दिव्य कायाकल्प तेल बहुत ही प्रभावी होता है। इसी के साथ; सोरायसिस, पिगमेंटेशन जैसे त्वचा संबंधित समस्याओं के ऊपर भी इस तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  5. दिव्य शविघ्न लेप- यह लेप बकुची, मंजीत जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करके बनाया जाता है। इसका रोजाना इस्तेमाल करने से फंगल इन्फेक्शन के लक्षण से काफी राहत मिलती है। इसी के साथ, यह लेप हमारी त्वचा में रंगत लाने का काम भी करता है। यह एक आयुर्वेदिक मेडिसिन होने की वजह से इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
  6. नीम घनवटी- पुराने जमाने से लोग त्वचा के रोगों के लिए नीम का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। नीम हमारी त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। पतंजलि की नीम घनवटी में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने से फंगल इंफेक्शन से छुटकारा पा सकते हैं।
  7. दिव्य सोमरजी तेल- यह तेल सरसों के तेल से तैयार किया जाता है। इस तेल का इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधित रोग जैसे एक्जिमा से काफी राहत मिलती है। फंगल इंफेक्शन के लिए भी यह तेल इस्तेमाल कर सकते हैं।
पतंजलि में फंगल इन्फेक्शन की दवा
पतंजलि में फंगल इन्फेक्शन की दवा

तो दोस्तों, फंगल इन्फेक्शन जैसी बीमारी को नजरअंदाज ना करें। इसके ऊपर कोई ना कोई इलाज जरूर करें। इसी के साथ, आप आयुर्वेदिक इलाज भी आजमा सकते हैं। इसके इफेक्ट आपको जरूर देखने को मिलते हैं। आयुर्वेदिक उपचार काफी सुरक्षित भी होते हैं। उम्मीद है, आपको आज का यह ब्लॉग पतंजलि में फंगल इन्फेक्शन की दवा अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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