नीम के फायदे की जानकारी हिंदी में Neem tree Benefits in Hindi

इस लेख के माध्यम से आप नीम के फायदे क्या होते है यह जानने वाले हो और इससे आपको क्या क्या फायदे मिल सकते है यह भी हम आपको बताने वाले है |

नीम के पेड़ की जानकारी (Neem tree information in hindi)

अथर्ववेद में “नीम्बा” नाम ऐसा उपयोग किया गया है, इसमें  ‘निम्बाती स्वस्थ्यमघाती’ अर्थात “अच्छा स्वाथ्य बने रखना” ऐसा कहा गया है |

दोस्तों नीम ट्री (नीम का पेड़ ) आपके स्वास्थ्य  को अच्क बनाए रखने में फायदेमंद है और नीम का पेड़ रोग निवारक भी है इसी कारण नीम को  निम्ब ऐसा नाम मिला |

नीम का वृक्ष देश में सभी भागो में पाया जाता है | नीम का वृक्ष जितना घना अच्छा लगता है उतनी ही उसकी छाया शीतल ठंडी होती है | नीम के अन्दर कीटाणु नाशक शक्ति मौजूद होने के कारण मनुष्य रोगमुक्त हो जाता है |

नीम के पत्तो को सर्वरोग निवारिण (सभी बिमारियों की दवा) ऐसा भी कहा जाता है क्योकि इसके उपयोग से लगभग सभी रोगों की प्रभावशाली दवा की तरह से इस्तमाल किया जाता है |

नीम के पेड़ को अलग अलग भाषा में क्या नाम है, आईये जानते है |

Neem tree Synonyms : भारत के विभिन्न भाषाओं में नीम को क्या कहते है ?

  • Marathi : कडूनिम्ब, निम्ब
  • Bengali : Nim, Nimgaachh
  • Sanskrit : Picumaradah, Arishtah, Picumandah, Prabhadrah
  • Punjabi : Nimb, Nim
  • Gujrati : Leemado
  • Tamil : Vempu, Veppu
  • English name : Margosa Tree, Neem Tree, Indian Lilac
  • Malayalam : Veppu, Aryaveppu, Aaruveppu
  • Oriya : Neemo, Nimba
  • Kannada : Turakbevu, Huchchabevu, Chikkabevu
  • Telugu : Vemu, Vepa
  • Urdu me : Neem

नीम का हर एक भाग उपयोगी और औषधियुक्त होता है | जैसे की नीम के पट्टी,नीम के फुल ,नीम की छाल (साल ), नीम के फल (मराठी में निम्बोनी) नीम का तेल एक दवाई की तरह काम करता है |

नीम के पेड़ का उपयोग ठंडी ,अग्नि ,हल्कि और वात जैसे रोगों में लाभदायक है | इसका इस्तमाल से खांसी ,वमन ,ज्वर पित्त ऐसे रोगों को भी दूर करता है |

नीम के पत्ते कोढ का इलाज करके दूर करती है | पेट के रोगों के लिए भी फायदे मंद है नीम के पत्ते | नीम की छाल से फोड़े और फूसी मिटने में मदत होती है |

नीम के फायदे Benefits of Neem in hindi :

नीम का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर होता है, इसलिए आम जीवन में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। नीम की पत्तियां खाने से कई फायदे होते हैं। नीम के पेड़ के पत्तों से लेकर इसके बीज तक हर चीज बहुत उपयोगी होती है। नीम के औषधीय गुण अपार हैं। इसका प्रयोग त्वचा, पेट, आंखों और वायरल जैसी समस्याओं में अविश्व्सनीय रूप से कारगर होता है। नीम की पत्तियां किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचा सकती हैं। नीम का तेल पकाने की विधि भी बहोत उपयुक्त होती है| नीम के फायदे अनेक हैं, तो आइए जानते हैं नीम के पेड़ के फायदे हिंदी में।

घाव को भरने के लिए :

नीम के पत्तो को अच्छी तरह से पीसकर लगाने से ठंडक आती है और घाव जल्दी भरता है | नीम की छाल यानिकी नीम की साल निकाल कर उसको गैस पर गरम तवे पर रखके गरम कर ले इसको थोडा काला होने दे और इस को बादमे निकालकर अच्छी तरह बारीक़ पिसले और इसकी पाउडर को एक कपडे से छान ले और इस पाउडर को नारियल तेल के साथ जख्म पर या घाव को सूखने के लिए लगा सकते है | आपको थोड़ी तकलीफ होगी पहली बार मगर बाद में जखम जल्द ही भर जायेगा |

कब्ज के लिए :

नीम के पत्ते पेट की पाचन प्रक्रिया को ठीक करते हैं। इससे कब्ज की समस्या से भी मुक्ति मिलती है। क्योकि नीम की पत्तियां पेट की गैस और जलन जैसी समस्याओं को दूर कर देती है।

अफीम का नशा उतरने के लिए :

अफीम का नशा करने पर, आम तौर पर इंसानी ख़ून में १४ दिनों तक अफीम की मात्रा मौजूद होती है। परंतु अफीम का नशा जल्द से जल्द उतरने के लिए नीम की पत्तियां बहोत फलदाई होती है। नीम की पत्तियों का रस लेने से शरीर में उपस्थित अफीम पर यह रस शीघ्र ही असर करना शुरु करता है। और बहोत ही कम समय में अफीम का नशा उतर जाता है।

आधासीसी की बीमारी के लिए :

अगर आपको आधासीसी की बीमारी हुए है या आपका आधा सर दर्द कर रहा होगा तो आप नीम के पत्ते और कालीमिर्च और चावल सबको २५-२५ ग्राम लेकर अच्छी तरह से कूट ले | और इसको सुर्योदय से पहले 2 रत्ती चूर्ण को लेने से आपका पुराने वाला आधासीसी का रोग दूर करने में मदत होती है |

सफ़ेद दाग मिटाने के लिए :

नीम का फल नीम का फुल और निम् के पत्ते एक समान लेकर पीसकर उसको 2 ग्राम लेकर पानी के साथ मिलाकर ४० दिन तक पिने से शरीर पर हुए सफ़ेद दागो से चुठकरा मिलता है | बाद में चूर्ण की मात्र बढाकर आप ६ ग्राम भी कर सकते हो इसके कारण जल्द ही आराम मिलता है |

दस्त का इलाज :

आयुर्वेद में भी नीम के पत्तो को शारीरिक बीमारिया दूर करने का रामबाण उपाय मानते है। दस्त पर उपाय करने के लिए नीम के पत्तो को पीस कर उसके रास को छान लेना चाहिए फिर उसमे शक्कर मिला कर उसे पिने से दस्त बंद होने में मदत मिलती है। और सुबह खाली पेट नीम का सेवन करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

खून साफ़ करने के लिए इस्तमाल :

दोस्तों अगर हम नीम के पत्ते सुबह खली पेट चबा चबाके कहते है, तोह यह हमें कैंसर होने से बचाने के लिए उपयोगी साबित होते है। नीम के पत्ते हमारे शरीर से फ्री रेडिकल्स को भी कम करते है। फ्री रेडिकल्स शरीर को जल्दी बूढ़ा बनाते हैं। नीम के पत्ते हमारे शरीर पर कोई भी अपाय नहीं करते है, और इसे खाने से खून भी साफ़ होता है।

महिलाओ के लिए : Neem Benefits for Womens in Hindi :

ज़`में फायदेमंद :

नीम का सेवन करना मासिक धर्म संबंधी विकारों में बहोत लाभकारी होता है। नीम की छाल को दरदरा पीसकर २० ग्राम कीजिये, उसमे गाजर के ६ ग्राम बीज, ६ ग्राम अरबी, २० ग्राम काले तिल, और २० ग्राम पुराना गुड़ लें। इन्हें मिट्टी के बर्तन में ३०० मिली पानी के साथ पकाएं। ३०० मिली पानी जब १०० मिली ही बच जाए तो इस काढ़े को छानकर सात दिन तक इसका सेवन करने से बहोत अच्छा प्रभाव पड़ता है।

६-७ नीम की पत्तियों को लेकर पत्तियों को पीसकर अदरक के रस में मिलाकर पिने से और नीम की पत्ति को पानी में पकाकर कुनकुना करके ठोड़ी के निचे बांधकर रखने से महिलाओ का मासिक धर्म खुलकर आने में मदत होती है और तकलीफ कम होती है |

योनी की पीड़ा के उपाय :

योनीशूल यानि योनी में पीड़ा होती है तो एरंड के बिज और निंबोली का गुदा नीम के पत्तो के रस में पीसकर मिक्स करके योनी के ऊपर लगाने से योनी की पीड़ा दूर होती है |

नीम के अन्य फायदे :

नासूर,पेट के किडे,फोड़ा,बवासीर के लिए,उलटी के लिए ,नेत्ररोग ,ज्वर ,कुष्ट रोग ,जुए खटमल भागने के लिए नीम के पत्ते जलाकर दस्त , प्रमेह, मोतियाबिंदु , बहरापन , मिर्गी अन्य कई रोगों के लिए इसका इस्तमाल किया जाता है |

नीम से होने वाले नुकसान : Side Effects of Neem Leaves in Hindi :

  • नीम का ज्यादा इस्तमाल नहीं करना चाहिए |
  • आयुर्वेद के अनुसार, नीम के पत्ते स्त्री और पुरुष दोनों के शरीर में गर्मी बढ़ाते है। जो शरीर पर गर्भनिरोधक प्रभाव दिखाता है| एक स्त्री को गर्भावस्‍था के शुरुआती पांच महीनों में महिलाओं को नीम के उपयोग से बचना चाहिए। नीम का सेवन बढ़ते भ्रूण के लिए अच्‍छा नहीं होता है।
  • ज्यादा कमजोरी वाले लोग इसका इस्तमाल नहीं करे |
  • अधिक मात्रा में नीम के बीज या नीम के तेल का सेवन करने से उल्टी, दस्त जैसी तकलीफ हो सकती है ऐसा होने पर आपको शहद, काली मिर्च और घी का सेवन कराना चाहिए |
  • नीम का तेल के इस्तमाल बच्चों में टॉक्सिक (घातक) प्रभाव दिखाता है |

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