तेल मालिश मसाज करने का सही तरीका और इसके लाभ हिंदी में जानकारी

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तेल मालिश

तेल मालिश करने के फायदे
तेल मालिश करने के फायदे

जीवन को शुरवात ही  तेल मालिश से होती है | कहा जाता है कि बचपन में जिस शिशु की तेल मालिश जितनी ज्यादा होगी ,वह उतना ही स्वस्थ और बलिष्ठ होगा | उसकी हड्डीया मजबूत तथा मासपेशिया विकसित होगी |

उसे कोई त्वचा रोग नही होगा ,उसकी त्वचा मुलायम तथा कांतियुक्त बनेगी |
बचपन में दादी ,नानी ,मां बखुबी करती है |

तेल मालिश करना ऐसा प्राकृतिक उपचार है , जो शरीर और त्वचा की ही रक्षा नही बल्की रूप और यौवन की भी रक्षा करता है |

मालिश करने की विधि :

तेल मालिश  करणे के पूर्व इसके कुछ नियमो आदि के बारे में जानना चहिए कि,
यह किस प्रकार की जानी चहिए और क्या क्या सावधानिया बरती जानी चहिए –

  • मालिश करने के लिए हाथ को नीचे से ऊपर को चलाए ,लेकीन एसी सावधानिया से हाथ चलाए की त्वचा के रोम टूटे नही |
  • प्रसन्न ,शांत और एकाग्रचित होकार मालिश करनी चहिए | जब जिस अंग पर मालिश करे ,उसी अंग पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखें |
  • नीचे से ऊपर को हाथ चलाने का कारण है |
    रक्त का प्रवाह हृदय की तरफ होने में सहयोग करना |
  • मालिश करते समय हाथ का दबाव अंत्यत हलका रहे |
  • जिस तेल से मालिश करे ,उस तेल को ६-७ घंटे तक नित्य धूप में रखना चहिए |
  • तेल की बोतल को जमीन पर न रखकर ,पटरे पर रखकर धूप में रखना चाहीएं और अंदर भी पटरे  पर ही रखें |

तेल मालिश के लाभ  :

दोस्तों अलग अलग तरह के अलग अलग तेल होते है जैसे की जैतून का तेल तिल का तेल,सरसों का तेल,नारियल तेल से मालिश करने से अलग अलग फायदे है.
किसी भी प्रकार के त्वचा व्दारा शरीर को सीधी खुराक मिलने से शरीर का पोषण उचित मात्रा में और शीघ्रता से होता है |
मालिश द्वारा शरीर को बलवान और चुस्त-दुरुस्त बनाए रखा जा सकता है |

  • सर्दी के मोसम में सरसो के तेल की मालिश गुनगुनी धूप में लेटकर करे ,इससे शरीर को सेंक लगेगा और तेल रोमकूपो से अंदर तक समा जाएगा |
  • मालिश करने से जहा शरीर स्वस्थ ,सुंदर ,निरोगी रहता है ,वही अनिद्रा ,शरीर दर्द ,सिर दर्द ,हाथ -पैरो में कंपन आदि रोगो से छुटकारा मिलता है |
  • तेल की मालिश सुबह करनी करनी चहिए |मालिश कराते समय शरीर को बिलकुल ढिला छोड देना चहिए ,किसी अंग में कोई तणाव न रहे |
  • मालिश करते समय ऐसा सुखत आराम मिलता है की व्यक्ती सारी चिंता छोडकर तणाव मुक्त होता है |
    यह नही मालिश कराते समय वह गहन निद्रा में चला जाता है |
  • शिशु को सुखा रोग नही हो पाता तथा त्वचा भी चर्म रोग ,फोड़े फुसियो  से बची रहती है |
  • इससे शारीरिक थकावट का नामोनिशान नही रहता ,शरीर ताकत बढती है |

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