महुआ के गुण हिंदी में जानकारी

महुआ के गुण

महुआ के गुण हिंदी में जानकारी

महुआ के गुण
महुआ के गुण

महुआ  का वृक्ष सभी जगह पाया जाता है | इसके फल , फूल और बीज सभी का उपयोग किया जाता है | इस के फल और फूल खाने में तथा बीज जिन्हें ‘ कोमा ‘  कहते हैं , तेल निकालने के काम आते हैं कहते हैं |

जहां महुआ पैदा होता है , वहां के गरीब लोगों के लिए यह खुराक का काम देता है | महुए के फूलों से शक्कर भी तैयार की जाती है |  यह को पित्त , ज्वरनाशक होता है | इसका औषधि के रूप में भी विभिन्न रोगों में प्रयोग किया जाता है |

महुआ के घरेलू उपाय :

सांप का विष :

यदि सांप ने काट लिया हो तो महुए के फूलों को कुचला के साथ पीसकर सांप की काटी हुई जगह पर लगाने से विष दूर हो जाता है |

गला बैठना :

यदि किसी कारणवश गला बैठ जाए तो महुए का बीज पानी में घिसकर खाने से बंद गला खुल जाता है |

दर्द :

शरीर के किसी भी भाग में दर्द होने पर , चाहे वायु का दर्द हो या गठिया या पसली या अन्य किसी भी प्रकार का दर्द नियमित रूप से कुछ दिन तक महुए  के तेल की मालिश करने से दूर हो जाता है |

बच्चों की सर्दी  :

बच्चों को सर्दी लग जाने पर महुए के तेल की शरीर पर मालिश करने से लाभ होता है |

अंडकोषों की सूजन :

महुए के पत्तों को पानी में उबालकर सिंकाई करने से अंडकोष की सूजन ठीक हो जाता  है |

वीर्य वृद्धि :

महुए के फूलों का सेवन करने से वीर्य वृद्धि होती है |

पुरानी खांसी :

खाँसी हो जाने पर 3 ग्राम महुआ के फूल लेकर उनके बीच में से जीरा निकालकर एक गिलास दूध में पकाकर रात को सोते समय खाए कुछ ही दिन लगातार प्रयोग करने से पुरानी खांसी ठीक हो जाती है |

गला बैठना :

यदि किसी कारण गला बैठ जाए तो महुए का बीज पानी में घिसकर खाने से बंद गला खुल जाता है |

दुग्ध वृद्धी :

महुए के फूलों का सेवन करने से प्रसूती स्त्रियों के स्तनों से दूध अच्छी तरह उतरता है |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *