जांघो में फंगल इंफेक्शन के लिए घरेलू उपचार

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज कल स्किन की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। त्वचा पर फंगल इंफेक्शन होना आम बात हो रही है। फंगल इंफेक्शन त्वचा के किसी भी जगह हो सकता है। यह फंगस यानी कवक के संक्रमण के कारण होता है। जांघों में फंगल इन्फेक्शन का होना बहुत ही त्रासदायक साबित होता है। जांघें बहुत ही नाजुक तथा असहज जगह होती हैं। जांघों पर पसीना भी बहुत ज्यादा आता है और ऐसे में वहां फंगल इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। जांघों पर त्वचा में लालिमा, गोलाकार सूजन दिखना, खुजली होना यह सब दिक्कतें फंगल इंफेक्शन से हो सकती हैं। अगर आपने तुरंत इस इंफेक्शन पर ध्यान ना दिया, तो यह इंफेक्शन बढ़ता रहता है और जांघों के आसपास भी फैलने लगता है। इस इन्फेक्शन को रोकने के लिए आप कुछ घरेलू उपचार आजमा सकते हैं। इसी के साथ, आप डॉक्टर की सहायता भी ले सकते हैं। तो दोस्तों, आज जानेंगे जांघो में फंगल इंफेक्शन को रोकने के कुछ घरेलू उपाय

जांघो में फंगल इंफेक्शन के कारण

आप अपनी पर्सनल हाइजीन मेंटेन नहीं रखते हैं, तो आपको जांघों में फंगल इंफेक्शन हो सकता है और यह बहुत ही बड़ा कारण साबित होता है।

  1. पर्सनल हाइजीन ना रखना- हमारी गलत आदतों की वजह से हमें फंगल इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा होता है। जैसे कि, पसीना आने के बाद उसको ठीक तरह से साफ ना करना, किसी और का तौलिया और कपड़े इस्तेमाल करना, ठीक से ना नहाना, प्रिकली हीट पाउडर का इस्तेमाल ना करना, तंग कपड़े पहनना, तंग अंडरवेयर पहनना, नहाने के बाद शरीर को ठीक तरह से ना पोछना आदि कारणों से हमारी पर्सनल हाइजीन मेंटेन नहीं रहती हैं और हमें फंगल इंफेक्शन हो सकता है।
  2. जननांग में नमी- हमारे जननांग में हमेशा नमी रहने से भी हमें फंगल इंफेक्शन होता है। जैसे कि, जननांगों में पसीना ज्यादा आता है और वह काफी देर तक ऐसे ही रह जाए, तो वहां फंगल इंफेक्शन हो जाता है। नहाने के बाद या स्विमिंग करने के बाद अपने जननांगों को ठीक तरह से क्लीन करना चाहिए, ड्राई करना चाहिए; जिससे वहां पर नमी नहीं होगी और फंगल इंफेक्शन का खतरा टल जाता है।
  3. इम्यूनिटी- अगर आपकी रोगप्रतिकारक क्षमता कमजोर हैं, तो भी आपको फंगल इंफेक्शन हो सकता है। हमारी इम्यूनिटी हमारे शरीर को रोगों से लड़ने के लिए मजबूत बनाती हैं। लेकिन, अगर वही कमजोर हो तो हमारा शरीर रोगों से नहीं लड़ पाता है। ऐसे में, कोई भी इन्फेक्शन आसानी से हो जाता है।

जांघो में फंगल इंफेक्शन के लक्षण

जांघों में फंगल इन्फेक्शन होने से हमारे शरीर में काफी अनचाहे बदलाव दिखाई देते हैं, जिन पर हमें गौर करना चाहिए।

  1. जांघों में त्वचा पर संक्रमण से लालिमा आना, त्वचा पर बहुत ज्यादा खुजली होना और जलन महसूस होना।
  2. संक्रमित जगह पर त्वचा का फटना या छिल जाना।
  3. संक्रमित जगह पर त्वचा के रंग में बदलाव आ जाना।
  4. कई बार व्यायाम करने के दौरान दाने फुट जाने से तकलीफ होना।

जांघो में फंगल इंफेक्शन के घरेलू उपचार

जांघों में हुए फंगल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए आप कई घरेलू उपाय आजमा सकते हैं।

  1. टी ट्री ऑयल- टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल जांघों के इंफेक्शन के लिए कर सकते हैं। टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल किसी अन्य तेल में मिलाकर ही किया जाता है। टी ट्री ऑयल की १०-१२ बूंदे ले और उसमें करीब ३० ग्राम नारियल तेल मिलाकर अच्छे से मिश्रण बना लें। इसको प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे फंगल इंफेक्शन से राहत मिल सकती है।
  2. एलोवेरा- एलोवेरा में एंटीफंगल तत्व पाए जाते हैं। एलोवेरा जेल को दिन में दो बार जांघो के प्रभावित हिस्से पर लगाएं। आपको इसके इस्तेमाल से फंगल इंफेक्शन से काफी राहत मिलती हैं। इसके उपयोग से खुजली और जलन जैसे लक्षणों से काफी राहत मिलती है।
  3. हल्दी- हल्दी में करक्यूमिन मौजूद होता है, जो रोगों से लड़ने में मदद करता है। नारियल तेल में थोड़ीसी हल्दी मिलाकर उसका अच्छे से पेस्ट बना लें और उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्व होते हैं। हल्दी के इस्तेमाल से फंगल इंफेक्शन से आई सूजन कम होने में मदद मिलती हैं।
  4. लहसुन- लहसुन फंगल इंफेक्शन के संक्रमण के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। लहसुन को जैतून का तेल या नारियल के तेल के साथ में पीसकर उसका अच्छे से पेस्ट बना लें। यह पेस्ट संक्रमित जगह पर लगाएं और किसी कपड़े से ढककर दो घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दे। दो घंटे के बाद इसे पानी से धो लें। लहसुन फंगल इंफेक्शन को कम करने में काफी असरदार होता है।
  5. एप्पल साइडर विनेगर- सेब का सिरका फंगल इंफेक्शन के लिए उपयुक्त साबित होता है। किसी स्प्रे बॉटल में सेब का सिरका और पानी समान मात्रा में मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इस्तेमाल करने के बाद, स्प्रे बॉटल फ्रिज में रख दें और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करें। सेब के सिरके में एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने से फंगल इंफेक्शन के लक्षणों से काफी राहत मिलती है; जैसे खुजली, जलन आदि।
  6. डॉक्टर की सलाह- घरेलू उपाय के बाद भी अगर आपके जांघों का फंगल इन्फेक्शन कम ना हो रहा हो और लगभग दो हफ्ते तक वैसे ही लक्षण दिख रहे हो, तो आप डॉक्टर के सलाह जरूर लें। डॉक्टर आपके प्रभावित हिस्से की अच्छे से जांच करेंगे। संक्रमण की तीव्रता के हिसाब से डॉक्टर आपको एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल दवाईयां तथा क्रीम देंगे। डॉक्टरों आपको कुछ दिशा निर्देश बताएंगे, उनका पालन जरूर करें।
जांघो में फंगल इंफेक्शन के लिए घरेलू उपचार
जांघो में फंगल इंफेक्शन के लिए घरेलू उपचार

दोस्तों, फंगल इन्फेक्शन को हल्के में ना लें। यह ज्यादा देर तक रहने से आपकी समस्या बढ़ सकती हैं। ऊपर दिए हुए कुछ घरेलू इलाजो का आप फंगल इंफेक्शन के लिए इस्तेमाल करें। अगर फिर भी ठीक ना हो, तो आप डॉक्टर की सलाह जरूर लें। उम्मीद है, आपको आज का ब्लॉग जांघो में फंगल इंफेक्शन के लिए घरेलू उपचार अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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