इमली के फायदे औषधीय गुण हिंदी में जानकारी

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आज हम इमली के फायदे और इमली खाने से क्या नुकसान होता है इसकी जानकारी हिंदी में आपको देने वाले है | भोजन को स्वादिष्ट बनाने में अन्य खटटे पदार्थो के साथ इमली का मुख्य स्थान है | दक्षिण भारत में इमली का सेवन बहुतायत में किया जाता है |

यह फल देश के सभी भागो में पाया जाता है, इमली की तासीर ठंडी होती है | यह पित्त शामक है , यह भोजन पचाती है तथा भूख को जगती है | इसके गुदे तथा बीजो का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है |

इमली के फायदे  : Tamarind Benefits in Hindi :

  1. पित्त के लिए इलाज:

    इमली का शरबत पीने से पित्त में लाभ होता है |

  2. प्यास की तेजी :

    पकी हुई इमली का ५० ग्राम गुदा २५० मिली. पानी में भिगो दे | २-3 घंटे बाद पानी को निथारकर छान ले | इसमें मिश्री या शक्कर मिलाकर पीने से गर्मी के कारण होने वाली प्यास की तेजी कम होती है |

  3. वमन में इलाजकारी:

    यदि बार –बार उल्टी हो रही हो तो इमली का शरबत पी जाए या इमली का छलका जलाकर १ तोला चूर्ण एक कप पानी के साथ दिन में एक बार ले | यदि लाभ ना हो तो दिन में २-3 बार ले |

  4. कम भूक का इलाज :

    इमली का पत्तो की चटनी बनाकर खाने से भूक लगती है तथा खाना जल्दी हजम हो जाता है |

  5. बिच्छू के डंक पर :

    इमली का बिज घिसकर डंक वाली जगह पर रखे , बिज चिपक जाएगा | जब विष उतर जाएगा तो बिज स्वतः ही छुट जाएगी |

  6. जुलाब से राहत :

    २५ ग्राम इमली का गुदा और २५ ग्राम खारक लेकर एक गिलास दूध में उबाले | छानकर सोते समय इस दूध को पिए | यह हल्के जुलाब का काम करता है |

  7. पीलिया का इलाज :

    इमली का पानी से पीलिया का इलाज के लिए लाभदायक रहता है |

  8. खाँसी :

    आपको इमली के पत्ते के क्वाथ में काला नमक मिलाकर पिने से खाँसी ठीक होती है |

  9. कान का दर्द :

    इमली के पत्तो का रस तिल के तेल में पकाकर कान में डालने से कान का दर्द मिटता है |

  10. दाद :

    पत्तो का रस दाद पर लगाने से खुजली शांत होती है |

  11. पेट का फूलना  :

    इमली का गुदा पानी में उबालकर , शक्कर मिलाकर पीने से पेट का फूलना मतलब पेट का गैस दूर होता है |

  12. फोड़ा-सूजन :

    बीजो को उबालकर व पीसकर फोड़ो व सूजन पर लगाने से आराम मिलता है |

  13. वातनाशक :

    २५ ग्राम इमली का गुदा एक गिलास पानी में भिगो दे, इमली को मसलकर छान ले | एक छटांक मिश्री , लोंग , दालचीनी व इलायची के दाने समभाग इमले के पानी में मिलाकर घोल ले | यह वातनाशक तथा रुचिकर है |

  14. ह्रदय दाह :

    पकी हुई इमली भिगोकर, मसलकर छान ले तथा मिश्री मिलाकर शरबत बना ले | यह शरबत पीने से ह्रदय की जलन शांत होती है |

 

2 Responses

  1. HindIndia

    March 22, 2017 10:25 pm

    बहुत ही बढ़िया article है ….. ऐसे ही लिखते रहिये और मार्गदर्शन करते रहिये ….. शेयर करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। 🙂 🙂

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