हरी दूब घास के गुण हिंदी में

1
718
हरी दूब घास
हरी दूब घास

हरी दूब घास के गुण

हरी दूब घास
हरी दूब घास

हरी दूब घास जमीन में स उगने वाली साधारण घास है |हरी दूब घास की ही एक प्रजाति है | दूब में प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में रहते हैं | दुब का सबसे बड़ा गुण इसकी शितलता है | जहां यह जानवरों को जीवन देती है वही दूसरी और मनुष्य के लिए भी लाभकारी है |

हरी दूब घास के घरेलू उपाय :

मुंह के छाले :

दूध के काढ़े से दिन दो-तीन बार कुल्ला करने से छाले मिट जाते हैं |

उल्टी :

दूध के रस में मिश्री मिलाकर लेने से उल्टियों में आराम मिलता है |

बवासीर :

दूब को पीसकर दही के साथ सेवन करने से बवासीर लाभ होता है |

रक्तस्राव :

चोट लगने या घाव पर दूब को पीसकर पट्टी बांधने से खून बहाना रूक जाता है |

बहरापन :

कान से पानी बहने या मवाद निकलने से बहरापन होने पर दूब का में डालने से शीघ्र लाभ होता है |

चर्म रोग :

तिल के तेल में समभाग हरी दूब का रस मिलाकर औटाए | जब केवल तेल शेष रह जाए , तब ठंडा करके शीशी में भर ले | इस तेल की मालिश करने से सभी प्रकार के चर्म रोगों में लाभ होता है | हरी दूब की जड़ का क्वाथ पिलाने से भी चर्म में लाभ होता है |

चेचक :

हरी दूब पीसकर लेप लगाने से चेचक ठीक होती है |

सुजाक :

दूब , सफेद चंदन 6-6 ग्राम में 10 ग्राम मिश्री मिलाकर पीने से एक सप्ताह में सुजाह रोग में लाभ होता है |

नेत्ररोग :

हरी दूब के रस से आँखों पर लेप लगाने से आँखों की जलन तथा आँख दुखना ठीक होता है |

मिर्गी :

उन्माद , मिर्गी जैसे रोगों में हरी दूब का ताजा रस लाभकारी रहता है |

मूत्र में खून :

मूत्र में खून आने या अत्यधिक मासिक स्त्राव में दूब का ताजा रस लाभदायक रहता है |

प्यास :

हरी दूब का रस पीने से बार-बार लगने वाली प्यास शांत होती है तथा मूत्र खुलकर आता है |

पथरी का इलाज ;

३० ग्राम हरी दूब को पीसकर उसमे मिश्री मिलाकर दिन में दो बार पीने से पथरी में लाभ होता है |

हरा धनिया के गुण हिंदी में.
Previous articleहरा धनिया के गुण हिंदी में
Next articleप्रेगनेंसी में पेट दर्द का इलाज हिंदी में
दोस्तों हम सभी जानकारी केवल आपके लिए ही दे रहे है , आप हमें सहायता करेंगे और आपका साथ हमेशा देंगे इसकी उम्मीद करते है |

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here