गृह प्रवेश

गृह प्रवेश कब और कैसे करना चाहिए ? जानिए २०२० के मुहूर्त के साथ

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आज का हमारा विषय है गृह प्रवेश के बारे में | दोस्तों हम आपको वास्तु शास्त्र के दोषों के बारे में इस विषय में बताने वाले हैं, अगर आपके वास्तु में किसी प्रकार के दोष होंगे और आप उस वास्तु में griha pravesh करना चाहते हैं, तो उन दोषों को दूर करके आप कैसे अपने वास्तु में शुभ मुहूर्त पर गृहप्रवेश कर सकते हैं |

दोस्तों आज के जमाने में जगह की कमी के वजह से लोगों के घरों में कई सारे वास्तु दोष होते हैं | जिनके कारण वह खुद की जिंदगी आसानी से और सुखमय तरीके से नहीं जी सकते हैं और वह लगातार अपने नसीब को कोसते रहते हैं |  लेकिन उनके जिंदगी में आने वाली परेशानियों का मुख्य कारण तो उनका वास्तु दोष ही होता है, यह चीज उनके दिमाग में नहीं आती है और वह मेहनत करके अपनी मेहनत की कमाई से नया घर या नया मकान लेते हैं और उसमे गृहप्रवेश करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें खुद ही पता नहीं होता है कि उस वास्तु में किस प्रकार के दोष होते हैं और वह बिना किसी पूजा पाठ किए या फिर वास्तु दोष को निकाले उस घर में रहने के लिए चले जाते हैं और काफी सारे परेशानियों का सामना करते रहते हैं |

तो हम आज आपको griha pravesh के बारे में बताएंगे कि कब गृहप्रवेश करें या घर में प्रवेश करने की क्या विधि है और ग्रुपों पर प्रवेश करने पर कौन सी पूजा करें जिससे वास्तु दोष निकल जाते हैं |

गृहप्रवेश क्या होता है ? Griha Pravesh in Hindi :

गृह प्रवेश यानि जब हम कोई नई वस्तु खरीदते हैं या लेते हैं जैसे ही घर, दुकान, मकान, या बड़ी कोई फैक्ट्री हो, गोडाउन, स्कूल, कंपनी  इत्यादि हम इस प्रकार की वस्तु लेते हैं या उसे बनाते हैं तो गृह प्रवेश यानि जब हम उस वास्तु में रहने के लिए जाते हैं तो उस वास्तव में पहले दिन एंट्री करते हैं उसे गृहप्रवेश कहते हैं | 

गृह प्रवेश यानी उस वास्तु में जो भी दोष होंगे वह गृह प्रवेश करने की पूजा पाठ के जरिए निकल जाते हैं और आप उस वास्तु में आरामदायक और सेहतमंद जिंदगी बिता सकते हैं और आपने जिंदगी मैं तरक्की कर सकते हैं |  तो इसे गृह प्रवेश कहते हैं तो गृह प्रवेश कर दे वह घर में पूजा पाठ एवं हवन होता रहता है जो ब्राह्मणों के द्वारा किया जाता है | गृह प्रवेश की पूजा के बारे में हमारे पुराणों में और ग्रंथों में कई सारी चीजें लिखी गई है उसी तरीके से ब्राह्मण गृह प्रवेश की पूजा करते हैं | चलिए बढ़ते आगे की जानकारी की ओर,

गृह प्रवेश करने से पहले कौन सी तैयारी करें ? Griha pravesh Ki taiyari :

दोस्तों गृहप्रवेश करने के लिए आपको सभी प्रकार की तैयारी करनी पड़ती है जैसी कि सभी प्रकार की सामग्री आपको खरीदनी पड़ती है जो कि आपके पूजा विधि के वक्त आपको लगने वाली होती है | अगर आपको आपके गृहप्रवेश के वक्त किसी रिश्तेदारों को बुलाना हो तो आप उनके रहने का और आने जाने  की तैयारी करें | उसके बाद आपको आपके घर के गृह प्रवेश के लिए आपके घर को पूरी तरीके से रेडी करना है | और घर को अच्छे से धो लेना है जिस दिन आप का गृहप्रवेश उसके अगले दिन घर को अच्छे से धो लें |

फिर आपको पूजा विधि के लिए लगने वाली सामग्री लानी होती है जैसे कि घी, सफेद कपड़ा, लाल कपड़ा, सुपारी, अभीर, कुमकुम, गुलाल, सिंदूर,  मौली, हल्दी, हल्दीघाट, नारियल वटी, कपूर, कपास वस्त्र, अतर, गंगाजल, गोमूत्र, गुलाब जल, वास्तु प्रतिमा, खजूर, चावल, शहद, जानव, मिश्री, लॉन्ग, इलायची, पीली सरसों, बाती, हवन सामग्री, काली तिल, जवस, आम की लकड़ी, फूल माला, पान पत्ता, दुर्वा, बेल पत्ता, तुलस, आम का पत्ता, मिठाई, मैच बॉक्स, फल, पंचामृत, चौरंग, कलश, थाली, दीपक, तेल, चम्मच, बैठने के लिए आसन, अगरबत्ती, धूप, हवन बनाने के लिए ईट इत्यादि चीजों की तैयारी आपको करनी होगी जो गृह प्रवेश के दिन की जाने वाली पूजा में इस्तेमाल की जाती है |  फिर आपको पूजा करने के लिए ब्राह्मणों को भी नहीं होता देना पड़ता है | और उस दिन ब्राह्मणों को भोजन खिलाना यह आप का प्रथम कर्तव्य होता है |

गृह प्रवेश की विधि क्या है ? Griha pravesh Karne ki Vidhi :

दोस्तों गृह प्रवेश की विधि यह ब्राह्मणों द्वारा की जाती है जिसमें ब्राह्मण घर में होम हवन करके पूजा पाठ करते हैं | जिसके सर यह आपका वातावरण बहुत ही शुद्ध हो जाता है और आपको वह जगह रहने लायक हो जाती है |  पूजा पाठ करने से वहां की बुरी शक्ति आ नष्ट हो जाती है | गृह प्रवेश की विधि में ब्राह्मण सबसे पहले कलश स्थापना करते हैं | फिर गौरी और गणपति जी की पूजा करते हैं | उसके बाद नौ ग्रहों की पूजा की जाती है,  फिर वास्तु शांति पूजा करके हवन जलाया जाता है | और आखरी में सत्यनारायण की पूजा करके प्रसाद बांटा जाता है |

कुल मिलाकर यह चार से 5 घंटे चलने वाली पूजा होती है | जिसमें परिवार के सदस्यों को पूजा के लिए बैठना होता है, और ब्राह्मण मंत्र जाप के सहारे पूजा को पूरा करते हैं | इस प्रकार से नए घर में गृह प्रवेश के दिन वह महा हवन करके पूजा की जाती है |  और हवन में आम की लकड़ी और साग की लकड़ी को जलाकर उसका धुआं सारे घर में फैलाया जाता है जिससे बुरी शक्तियों का नाश हो जाता है |

2020 मै गृह प्रवेश करने का सही दिन कौन सा है ? Griha Pravesh Muhurat in 2020 :

दोस्तों हम आपको महीने के हिसाब से गृह प्रवेश करने की तिथि बताने वाले हैं जो कि वास्तु शास्त्र में दी गई है | 2020  जनवरी के महीने में 29,30 और फरवरी में 3,5,13,16 और मार्च में 9,11,12,18,19 और अप्रैल में 25,27 और मई में 8,18,23  और जून में 15 , जून के बाद जुलाई-अगस्त सप्टेंबर और अक्टूबर तक किसी भी प्रकार का मुहूर्त गृह प्रवेश के लिए नहीं है |

फिर आता है नवंबर  में 19,16,25,30 और दिसंबर में 10,16,17,23 दिसंबर तक गृहप्रवेश करने का शुभ मुहूर्त दिया हुआ है | तो आपने ऊपर दिए गए जानकारी को पढ़कर आपके हिसाब से आपके नए घर में गृह प्रवेश करना है |

गृह प्रवेश करते वक्त क्या ख्याल रखें ? Tips for Griha Pravesh in Hindi :

गृह प्रवेश करते वक्त अपनी वस्तु को अच्छे से धो ले,  फिर वहां गंगाजल और गोमूत्र और गुलाब जल से अभिमंत्रित कर लें |  गृहप्रवेश करने की सही तारीख और शुभ मुहूर्त अपने पंडितों और ब्राह्मणों से लेकर तय कर लेना है कि किस दिन आपको ग्रह प्रवेश करना है | 

गृहप्रवेश करते वक्त अपने दिल में किसी भी नेगेटिव भावनाओं को नहीं रखना है | बल्कि बड़े ही आनंद और उत्साह से अपने नए वास्तव में प्रवेश करना है जिससे आपके वास्तु में हमेशा खुशियां ही खुशियां रहेगी | 

गृह प्रवेश करने के दिन सभी आए हुए रिश्तेदारों और ब्राह्मणों को आपने भरपेट भोजन खिला कर उन्हें संतुष्ट करना है जिससे आपको अनुदान का लाभ होता है | तो यही सारी महत्वपूर्ण बातें हैं जिनके बारे में आपको ग्रुप में प्रवेश करते वक्त ख्याल रखना है | बाकी की अन्य बातों का जिक्र आपको पंडितों द्वारा पता ही चल जाएगा |

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