गर्भपात के बारे में जानकारी : क्या है मिसकैरेज और कैसे होता है ?

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नमस्ते दोस्तों, इस लेख के माध्यम से हम आपको गर्भपात के बाद क्या होता है और यह क्या होता है इसकी जानकारी देने वाले हैं। गर्भपात मतलब पेट में बच्चे की मृत्यु हो जाती है, या फिर जन्म लेने से पहले ही बच्चे को मां के कोख से निकाल दिया जाता है। गर्भपात जो होता है वह प्रेगनेंसी के पहले 3 महीने में सबसे ज्यादा होता है। मिसकैरेज कई प्रकार से किया जाता है, लेकिन गर्भपात करना कानूनी जुर्म है और इससे सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को उत्पन्न होती है, जब वह मिसकैरेज करते हैं, क्योंकि इसकी वजह से उनके शरीर में खून की कमी हो जाती है, और वह कमजोर हो जाती है। उसी के साथ साथ जब भी वह दूसरी बार गर्भधारण करते हैं, तो उसमें संभावना होती है कि उनका गर्भपात हो जाए, क्योंकि एक बार यदि गर्भपात हो गया तो उसे दूसरी और तीसरी बार गर्भपात होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।

जब महिला गर्भवती होती है, तो यह उनके जीवन का सबसे ज्यादा खुशिहाल लम्हा होता है। उनके पति और उनके परिवार के लिए, लेकिन कई बार ऐसा होता है, कि पति और पत्नी दोनों ने कुछ प्लान नहीं किया होता है कि उनको अभी बच्चा चाहिए और कुछ गलति से या फिर कोई प्रोडक्शन इस्तेमाल करने के बाद भी महिला प्रेग्नेंट हो जाती है, तब उनको गर्भपात करना पड़ता है, लेकिन जो कि बहुत गलत है यदि आप गर्भपात करते हैं तो इससे महिला और उनके गर्भाशय पर बहुत हानि पहुंचती है। दूसरा यह होता है, कि कई बार हम गर्भावस्था में होने पर कुछ बातों का ध्यान नहीं रखते हैं, जिसकी वजह से हमारा मिसकैरेज हो जाता है। 

गर्भपात क्या होता है ?

गर्भपात क्या होता है
गर्भपात क्या होता है

महिला के गर्भाशय में ही गर्भ का अंत हो जाना मतलब गर्भपात होना है। यह जानबूझकर और किसी दुर्घटना के कारण हो सकता है। गर्भपात में बच्चा मां के पेट में ही जन्म लेने से पहले मर जाता है।

गर्भपात कई प्रकार के होते हैं जैसे कि कुछ दुर्घटना के कारण या फिर कुछ बीमारी के कारण गर्भपात हो जाता है या फिर अनचाहे गर्भपात को या फिर गर्भ खराब होने की वजह से मिसकैरेज किया जाता है। जो गर्भपात जानबूझकर किया गया गर्भपात होता है, उसी के साथ साथ यदि आपको किसी तरह का वायरल इंफेक्शन हो गया है, जिसका असर के गर्भाशय पर होता है, उसके कारण आपका गर्भपात हो जाता है। 

गर्भपात होने के कारण क्या है ?

गर्भपात होने के कारण
गर्भपात होने के कारण

गर्भपात होने के कई सारे कारण होते हैं, जैसे कि गर्भपात सबसे ज्यादा पहले 3 महीने में होने की संभावना होती है। कई बार ऐसा देखा गया है, कि गुणसूत्र की कमी के कारण भी गर्भपात होता है, और शुरू के 3 महीने में अगर महिला के साथ कोई दुर्घटना हुई है, या फिर उन्होंने ऐसी कुछ चीज खाली है, जिसके कारण उनका मिसकैरेज हो सकता है, या फिर पहले 3 महीने में अगर महिला किसी कारण बहुत तनाव और परेशानी से गुजर रही है, तो इसके कारण भी गर्भपात हो सकता है।

कई बार ऐसा होता है, कि बहुत ज्यादा उम्र होने की वजह से बच्चा पेट में बढ़ नहीं पाता है। महिला की उम्र अगर 30 से ऊपर है गर्भावस्था के समय तो उनकी संभावना बढ़ जाती है। मिसकैरेज के लिए उसी के साथ साथ जिनका पहले भी गर्भपात हो चुका है, दो से तीन बार तो उनको मिसकैरेज होने की संभावना रहती है। कई बार ऐसा होता है, कि महिला के गर्भाशय का मुख कमजोर होने की वजह से गर्भपात हो जाता है। उसी प्रकार यदि महिला कोई बीमारी है, जैसी कि डायबिटीज़ है, या फिर थायराइड जैसे समस्या है तो गर्भपात हो सकता है।

जब महिला गर्भवती रहती है, यदि उनको किसी तरह का वायरल इंफेक्शन है खांसी जुकाम हो गया है या फिर किसी भी प्रकार की बीमारी है। उसके इंफेक्शन होने से भी गर्भपात हो सकता है। इसके लिए जभी भी आप गर्भवती हैं, तो आपको इन सारी चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है और सबसे ज्यादा अपने खान-पान और अपने उठने बैठने का हर एक चीज को आप को ध्यान से करना है, क्योंकि कोई भी छोटी सी छोटी बात आपके मिसकैरेज का कारण हो सकती है।

गर्भपात के बाद कमज़ोरी क्यों आती है ?

गर्भपात के बाद कमज़ोरी
गर्भपात के बाद कमज़ोरी

गर्भपात के बाद महिला के शरीर से बहुत ज्यादा रक्त प्रवाह हो चुका होता है। शरीर से अतिरिक्त मात्रा में खून का प्रवाह होने के कारण महिलाओं में कमजोरी आ जाती है। इसके लिए आपको अपने खान-पान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। ऐसी चीजों का आपने खाने में समावेश करें जिससे आपको पूरी मात्रा में पोषक तत्व मिले और आपके शरीर में आई हुई खून की कमी तथा कमजोरी दूर हो जाए।

महिला का मिसकैरेज होने के बाद पेट में दर्द होने पर क्या करें ?

महिला का गर्भपात होने के बाद पेट में  दर्द
महिला का गर्भपात होने के बाद पेट में दर्द

गर्भपात होने के बाद महिला के पेट के निचले हिस्से में बहुत ज्यादा दर्द होता है, और यह दर्द गर्भपात होने के बाद महिला को 2 से 4 हफ्ते होता है, लेकिन यदि आप का दर्द ज्यादा बढ़ जाए तो आपको डॉक्टर की सलाह लेने बहुत जरूरी है। इसीलिए गर्भपात होने के बाद आपको कुछ चीजों की सावधानी बरतनी होती है, जैसे कि आपके अहान में पोषक तत्वों का समावेश करना होता है, हरी सब्जियां खानी चाहिए और उसी के साथ साथ ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए। इससे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते है, इससे आपके शरीर में आई हुई कमजोरी दूर हो जाती है और आपकी पेट दर्द की समस्या भी खत्म हो जाती है।

गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई करना क्यों जरूरी है ?

गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई
गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई

मिसकैरेज होने के बाद महिला की योनि से रक्त प्रवाह हो होने लगता है और उसी के साथ साथ कई बार ऐसा होता है कि कुछ दवाइयां या फिर कुछ दुर्घटना की वजह से गर्भपात हो जाता है उसी के चलते गर्व का कुछ अंश अगर महिला के पेट में रह जाता है, तो उसकी वजह से महिला को बहुत ज्यादा दर्द होता है और रक्त प्रवाह शुरू रहता है |

उसी को रोकने के लिए डॉक्टर कुछ जांच करते हैं और उसी के दौरान यदि उनको यह पता चले कि गर्भपात की सफाई करना जरूरी है तो वह गर्भपात की सफाई करते हैं यह जरूरी है क्योंकि यदि आप दूसरी बार गर्भधारण करते हैं तो आपको उस समय किसी भी तरह की समस्या का सामना ना करना पड़े या फिर दूसरी बार आपका गर्भपात ना इस बात का ध्यान रखने के लिए गर्भाशय की सफाई करना बहुत जरूरी है।

औरत का गर्भपात के तुरंत बाद गर्भ धारण होने पर क्या सावधानियां बरतें ?

औरत का गर्भपात के तुरंत बाद गर्भ धारण होने पर
औरत का गर्भपात के तुरंत बाद गर्भ धारण होने पर

यदि आपका पहले गर्भपात हो चुका है और आपको तुरंत गर्भधारण हो गया है, तो सबसे पहले आपको डॉक्टर की सलाह लेनी बहुत जरूरी है, क्योंकि यदि पहले का गर्भपात हो गया है, तो तुरंत गर्भधारण होने के बाद गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए आपको बहुत सावधानी और सतर्कता की जरूरत होती है। डॉक्टर आपकी कुछ जांच कराते हैं, जिससे कि आपकी गर्भ सुरक्षित है या नहीं ? या फिर आपका शरीर उस गर्भधारण करने के लिए सक्षम है या नहीं ? इस चीज की जांच होती है।

उसे के बाद डॉक्टर आपको कुछ दवाइयां या फिर कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देती है, तो उन बातों को ध्यान रखे। उसी के साथ साथ आपके खान-पान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अपने खाने में पोषक तत्वों का समावेश करें और ऐसी कोई चीज का तनाव ना लें जिससे कि आप के गर्भ पर बुरा असर पड़े। यदि आपको खांसी जुकाम या फिर बुखार है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाना चाहिए, क्योंकि इंफेक्शन की वजह से फिर से गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है।

गर्भपात के बाद पीरियड्स आने पर क्या करें ?

गर्भपात के बाद पीरियड्स
गर्भपात के बाद पीरियड्स

गर्भपात के बाद 4 से 5 हफ्ते बाद महिलाओं को पीरियड सामान्य तौर पर आने लगते हैं, और इसमें आपको थोड़ा सा पेट में दर्द भी होता है, लेकिन यह स्वाभाविक है और यदि आप का दर्द ज्यादा हो जाए तो आपको डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। इस बात का ध्यान रखें कि गर्भावस्था के बाद पीरियड आने के 2 से 3 महीने तक दूसरी प्रेगनेंसी का प्लान ना करें, क्योंकि महिला का शरीर और गर्भाशय दोनों ही कमजोर होते हैं।

दूसरे बच्चे को अपने पेट में धारण करने के लिए यदि आप ऐसा करते हैं, तो दूसरी बार भी गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है, इसके लिए पीरियड्स के बाद आपको इन चीजों का ध्यान रखना होगा उसी के साथ-साथ अपने खान-पान और अपने आहार में पौष्टिक पदार्थों का सेवन करना बहुत जरूरी है, क्योंकि गर्भपात के बाद महिलाओं में कमजोरी आ जाती है। इसके लिए आपको इस चीज का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

खुद गर्भपात क्यों नहीं करवाना चाहिए ?

खुद गर्भपात क्यों नहीं
खुद गर्भपात क्यों नहीं

जानबूझकर किया जाने वाला गर्भपात कानूनी अपराध है। इसके चलते हैं आपको कड़ी से कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। उसी के साथ-साथ यदि आप जानबूझकर किसी महिला का गर्भपात कराते हैं, तो उसके चलते उस महिला को अगले आने वाले समय में बहुत समस्या और बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। उनको दूसरी प्रेग्नेंसी के समय पर गर्भपात होने की संभावना और ज्यादा बढ़ जाती है। उसी के साथ साथ गर्भपात के बाद महिलाओं को बहुत कमजोरी आ जाती है। गर्भावस्था एक ऐसी अवस्था है, जब महिला का पूरी तरह से जीवन परिवर्तन हो जाता है।

गर्भवती होना भगवान का दिया गया एक वरदान के समान समझकर इसे जो मिले उसमें ही मैं खुश रहना चाहिए। कई बार ऐसा देखा गया है, कि कई जगहों पर गर्भ की जांच की जाती है, जो कि कानूनी अपराध है और आज भी कुछ लोग हैं, जो लड़का और लड़की के बीच में भेदभाव करते हैं। जिसके कारण उनको लड़का ही चाहिए होता है, यदि उनको यह पता चला कि बेटी होने वाली है, तो लोग गर्भपात करते हैं, लेकिन यह कानूनी अपराध है, इसके कारण आप को कड़ी से कड़ी सजा हो सकती है। लड़का और लड़की आज के दौर में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। ऐसी कोई चीज नहीं है, जो लड़की नहीं कर सकती है। पुरुष को जन्म देने वाली भी तो एक महिला ही होती है, तो इसी बात का ख्याल रखते हुए और अपनी सोच को अच्छी करना बहुत जरूरी है। लड़का और लड़की में भेदभाव करना आपकी सोच और आपकी मानसिकता को दर्शाती है, कि आपकी सोच कितनी गिरी हुई है। इसलिए जानबूझकर किया गया मिसकैरेज कानूनी अपराध है, और इसके लिए आप सजा के हकदार हैं, और कानून आप को कड़ी से कड़ी सजा देती है।

 

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