डेंगू के लक्षण,बचाव और इसका घरेलू उपचार

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डेंगू के लक्षण
डेंगू के लक्षण

इस डेंगू बुखार के लक्षण कई सारे है और डेंगू का लक्षण को जानकर आप डेंगू से बचने का तरीका आजमा सकते हो |

 डेंगू बुखार क्या है ?

दोस्तों डेंगू बुखार एक खतरनाक बिमारी है | पिछले कुछ वर्षो में डेंगू के मामलो में काफी तेजी से वृद्धि हुई है | बरसात के साथ डेंगू का प्रकोप भी बढ़ जाता है |

डेंगू बुखार
डेंगू बुखार

यह डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो की एडिस मच्छर काटने की वजह से होता है | एडिस मच्छर हमारे घर के आसपास पानी में पनपनाते है |

इस बिमारी से सीर, आँख, कमर और हात पैरो में अधिक दर्द होता है | तीसरे दिन ज्वर कम होकर पांचवे दिन फिर बढकर सांतवे दिन तक उतर जाता है |

डेंगू हुआ है कैसे पता चलता है ?

डेंगू हुआ है
डेंगू हुआ है
  • डेंगू होने के बाद हमारे शरीर में किसी प्रकार की शक्ति नहीं रहती है, डेंगू होने पर हमारे शरीर की सारी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिसके कारण हम कोई भी काम करने में सक्षम नहीं रहते हैं |
  • डेंगू बुखार होने पर हमारे मसूड़ों से और नाक से खून बाहर आ सकता है, कई बार उच्च बुखार और परिसंचरण तंत्र की विफलता के कारण हमें हॉस्पिटल में एडमिट तक होना पड़ता है |
  • डेंगू होने पर सिर दर्द, तेज उच्च बुखार, शरीर पर चकत्ते, शरीर के जोड़ों में दर्द, ऐसे कुछ डेंगू होने के लक्षण है |
  • डेंगू, मच्छर के काटने से फैलता है डेंगू के मच्छर दिन के समय काटते हैं जिससे दिन में हमें समझ में नहीं आता है कि हमें मच्छर काट रहे हैं |
  • हमारे आजू-बाजू खुले और ठहरे हुए पानी में डेंगू के मच्छर पैदा होते हैं, जिसके कारण डेंगू फैलने के लिए यह गंदा पानी ही जिम्मेदार होता है |
  • जब किसी इंसान को डेंगू हुआ होता है तब उस इंसान को अचानक से ही तेज बुखार आ जाता है, कई बार यह बुखार १०४ डिग्री तक भी पहुंच सकता है |
  • डेंगू होने पर ठंड लगना, सर दर्द होना, उल्टी होना, मांसपेशियों में दर्द होना, यह सारे लक्षण हमारे शरीर पर दिखाई देते हैं | यह डेंगू के लक्षण अगर आपको दिखाई देते हैं तो आपने समझ जाना है कि आपको डेंगू हुआ है |

डेंगू के लक्षण:

डेंगू के लक्षण
डेंगू के लक्षण

शुरुवात में नाडी की गति ज्वर के साथ बढती है, परन्तु उत्तरोत्तर मंद होती है | कभी-कभी १०२ अंश ज्वर में भी नाडी की गति स्वाभाविक ही रहती है | इसके अतिरिक्त कमजोरी, नींद आना, तीव्र ज्वर, प्रलाप, जी मचलना, उलटी आना , भूक न लगना आदि ख़ास लक्षण होते है | डेंगू बुखार होने पर निम्न लक्षण नजर आते है-

  • सीर में बहुत तेज दर्द होता है | आँखों में दर्द होता है |
  • उलटी आना, नाकसीर फूटना |
  • नाक, गुदा , मसुडो से खून आना |
  • त्वचा विशेष छाती पर लाल-लाल दाने उभर आना |
  • मांसपेशिया तथा जोड़ो में दर्द |

डेंगू होने से हमें क्या परेशानियां होती है ?

डेंगू होने से हमें क्या परेशानियां
डेंगू होने से हमें क्या परेशानियां
  • डेंगू होने पर हमारे शरीर में पूरी तरह से संक्रमण फैल जाता है, डेंगू लोगों से प्रत्यक्ष संपर्क से सीधे प्रसारित नहीं किया जाता है | क्योंकि डेंगू अगर किसी इंसान को होता है तो यह रोग आसानी से फैल जाता है |
  • यह बीमारी होने पर हमारे शरीर में काफी ज्यादा उच्च बुखार आ जाता है, जिससे हमारे शरीर की बहुत सारी गतिविधियां काम करना तक बंद कर देती है |
  • डेंगू होने पर हमें हमेशा ऐसा लगता है कि हमने दिन भर आराम करना चाहिए, डेंगू होने पर हमारे शरीर में एनर्जी ना होने के कारण हम दिन भर लेटे हुए होते हैं और हमें खाना खाने का भी मन नहीं करता है |
  • जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी कमजोर होती है उन लोगों को इस बीमारी के कारण काफी ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ता है | जिसके कारण बहुत सारे लोग डेंगू से दूर रहना पसंद करते हैं |
  • डेंगू होने से हमें अचानक से तेज बुखार का सामना करना पड़ता है, हमारे शरीर पर इतना ज्यादा तेज बुखार चढ़ जाता है कि हमारा शरीर गरम गरम महसूस होता है |
  • डेंगू होने पर हमें ठंड लगती है, ठंड इतनी ज्यादा लगती है कि हमें ऐसा लगता है कि ठंड के दिन चल रहे हैं | अगर धूप के दिन चल रहे हैं और आपको डेंगू हुआ है तो भी आपको ठंड लगेगी |
  • डेंगू होने पर हमारे पूरे शरीर में दर्द होने लगता है, कई बार मांसपेशियों में इतना तेज दर्द होता है कि हमें दौड़ना भागना भी मुश्किल हो जाता है |
  • डेंगू होने पर थोड़े थोड़े वक्त के बाद उल्टी आना, त्वचा का लाल होना साथ ही पूरे शरीर में जलन होना यह कुछ प्रमुख लक्षण दिखाई देते हैं |

डेंगू की बीमारी होने के कारण क्या है ?

डेंगू की बीमारी होने के कारण
डेंगू की बीमारी होने के कारण
  • कई बार डेंगू बुखार वाला मच्छर काटने के कारण हमें डेंगू वायरस हो जाता है, डेंगू वायरस हो जाने से हमारा पूरा शरीर संक्रमित होता है जिसके कारण हम आसानी से संक्रमण को शरीर से निकाल नहीं पाते हैं |
  • कई बार गंदे पानी का सेवन करने से या हमेशा गंदे पानी में वास करने से यह बीमारी फैल सकती है | डेंगू होने के बाद आपने हमेशा किसीना किसी इंसान के संपर्क में ज्यादा नहीं रहना चाहिए नहीं तो उस इंसान को भी डेंगू हो सकता है |
  • बहुत सारे लोग शरीर की ठीक तरह से सफाई नहीं करते हैं, शरीर की ठीक तरह से सफाई ना करने के कारण भी डेंगू फैल जाता है इसलिए रोजाना शरीर की सफाई करें और स्वस्थ रहे |
  • डेंगू वायरस संक्रमित मच्छर काट लेते हैं तो इससे हमारे शरीर पर तेज बुखार चढ़ जाता है जिससे यह बीमारी मच्छर से मानव तक फैलना शुरू हो जाती है |
  • जिस जगह पर हम दिन भर रहते हैं वह जगह अगर हमेशा साथ नहीं रहती है तो डेंगू का प्रभाव काफी ज्यादा बढ़ जाता है | डेंगू वायरस को नियंत्रण में लाने के लिए पूरी जगह को हमेशा साफ रखें |
  • कई प्रजाति के मच्छर डेंगू संचालित हो सकते हैं, इसलिए दिन भर में सारी गतिविधियां करते समय खुद को मच्छरों से बचाना जरूरी है |
  • डेंगू वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रामक रूप से फैलता है, इसलिए किसी भी व्यक्ति के साथ संपर्क में आने से पहले ध्यान रखें कि आपके मुंह पर मास्क होना चाहिए |

डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज :

डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज
डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज
  • जिन लोगों को डेंगू होता है उन लोगों ने हमेशा आयुर्वेदिक इलाज ही लेना चाहिए, कई बार एलोपैथी उपचार में से यह बीमारी और ज्यादा फैल सकती है | इसलिए डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज लेना जरूरी है |
  • डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज लेते समय रोजाना सुबह आम के पत्ते पीसकर यह पत्ते शरीर पर लगाए जिससे आपके शरीर में जो भी संक्रमण फैला हुआ है वह आसानी से कम होगा |
  • डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज लेते समय हमेशा ध्यान रखें कि यह इलाज लेते समय आपके शरीर पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए |
  • देखा जाए तो डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज नहीं है, लेकिन फिर भी आप घर पर ही कुछ आयुर्वेदिक दवाइयां बनाकर डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज कर सकते हो |
  • डेंगू होने पर घर पर नीम की पत्तियां पीसकर यह रस रोजाना सुबह उठने के बाद पीना चाहिए जिससे आपके शरीर में जो भी विषैले पदार्थ है वह धीरे धीरे कम होने लगेंगे |
  • डेंगू होने पर आपने पानी में अजवाइन और लौंग मिलाना चाहिए, अजवाइन और लोंग शरीर में होने वाले डेंगू के प्रभाव को धीरे धीरे कम करने में मदद करता है |
  • जो लोग दिन भर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीते हैं और ज्यादा से ज्यादा पेशाब करते हैं उन लोगों को डेंगू होने की संभावना कम होती है |

डेंगू से राहत पाने के लिए दवाई :

डेंगू से राहत पाने के लिए दवाई
डेंगू से राहत पाने के लिए दवाई
  • डेंगू से राहत पाने के लिए बाजार में बहुत सारी दवाईयां आसानी से मिलती है, लेकिन किसी भी दवाई का सेवन करने से पहले यह जान ले कि यह दवाई आपके शरीर पर सही प्रभाव डालेगी या नहीं |
  • कई बार डेंगू की दवाई ठीक तरह से काम ना करने के कारण इसका गलत प्रभाव हमारे शरीर पर हो सकता है | इसलिए डॉक्टर की सलाह से डेंगू से राहत पाने की सही दवाई लेने की कोशिश करें |
  • जिन लोगों को ऐसा लगता है कि हम और हमारा शरीर काफी ज्यादा कमजोर है उन लोगों ने इस बीमारी से राहत पाने के लिए सबसे पहले अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना जरूरी है | शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने से डेंगू नहीं होता है |
  • डेंगू से राहत पाने के लिए किसी भी दवाई का सेवन करने से पहले डॉक्टर से ट्रीटमेंट लेना जरूरी है | बिना किसी डॉक्टर से ट्रीटमेंट लिए बगैर अगर आप किसी भी दवाई का सेवन करते हो तो इससे आपके शरीर पर गलत प्रभाव पड़ सकता है |
  • डेंगू से राहत पाने के लिए रोजाना साफ सफाई करना जरूरी है, जिस जगह पर आप दिन भर काम करते हो वह जगह स्वच्छ रखें और रात को सोते समय स्वच्छ जगह पर सोना चाहिए |
  • जिन लोगों को डेंगू के मच्छरों का परीक्षण नहीं करते आता है अक्सर उन लोगों के अंदर यह रोग और ज्यादा बढ़ सकता है | इसलिए रोगी के शरीर से यह रोग निकलने के लिए खुद का ख्याल रखें और दूसरों का भी ख्याल रखें |

डेंगू का घरेलू उपचार :

डेंगू के घरेलू उपचार
डेंगू के घरेलू उपचार

इसका वायरस शरीर में घुसाने के बाद सीधे शरीर के प्रतिरोधी तंत्र पर हमला करता है |

  • रोगी को मुलायम बिस्तर पर लिटाकार आराम देना चाहिए | इसमे आराम ही औषधी है |
  • भूक ज्यादा लगती हो तो ज्वर की हालत में दूध, साबूदाना, चाय, मिश्री, बेदाना, अनार, ताजे फल, किशमिश आदि खाने को दे |
  • रोगी को गिलोय , अदरक, तुलसी, इलायची का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पिलाए |
  • निम्बू, अदरक की चाय दिन में दो बार पिलाए | इससे रोगी को बड़ा आराम मिलेगा |
  • सुवर्ण नार्दिप लक्ष्मीविलास रस  की एक गोली सुबह-शाम ले सकते है |
  • शारीरिक एव मानसिक कीसी भी प्रकार की मेहनत, स्नान ना करे |
  • इस रोग में अंग्रेजी दवाईया नहीं लेनी चाहिए | इससे रोग और बिघड सकता है |
  • रोगी को तिन दिन सुबह निम की ताजा कलियों का रस एक कप तथा कालीमिर्च का पाउडर एक दो बताशा घोलकर पिला दे | रोगी जल्दी ठीक हो जायेगा |
  • डेंगू बुखार में अक्सर प्लेटलेट्स कम हो जाते है | अत: बुखार की दवा के साथ गिलोय, तुलसी काढ़ा तथा पपीते के पत्तो का रस देने से रोगी जल्दी ठीक हो जायेगा | रोगी को अधिक मात्रा में पानी तथा तरल पदार्थ दे |
  • जब बुखार उतर जाए तो रोगी को शक्तिप्रद, बलवर्धक तथा पौष्टिक आहार दे |

 

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दोस्तों हम सभी जानकारी केवल आपके लिए ही दे रहे है , आप हमें सहायता करेंगे और आपका साथ हमेशा देंगे इसकी उम्मीद करते है |

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