अंगूर के औषधीय गुण जानिये हिंदी में

, , Leave a comment

Last Updated on

अंगूर के औषधीय गुण ( द्राक्ष )

अंगूर के औषधीय गुण
अंगूर के औषधीय गुण

अंगूर सर्वविदित और सर्वप्रथम सुंदर मीठा फल है |जो गुच्छों के रुप में प्राप्त होता है | अंगूर के औषधीय गुण में सूखे हुए अंगूर जिसमें बीज होते हैं द्राक्ष कहलाते है और जिनमें बीज नहीं होते हैं उन्हें किशमिश के नाम से जाना जाता है अंगूर के औषधीय गुण जानेंगे |

अंगूर के घरेलू फायदे :

 

  1. बड़े मीठे बीजरहित द्राक्ष को डली के साथ मुख में रखकर धीरे-धीरे चूसने से ह्र्दयस्पदन वृध्दि ,घबराहट तथा खासी के वेग में तुरंत लाभ होता है |

  2. ताजा अंगूर खाने से रुधिर को पतला करने वाले छाती के रोगों में लाभ पहुँचाकर बहुत जल्दी पचने वाले रक्तशोधक तथा खून बढ़ता हैं |

  3. किशमिश 80 ग्राम, गिलोय सत्व (बारीक पिसा हुआ चूर्ण) और जीरा 10-10 ग्राम तथा चीनी 10 ग्राम इन सभी के मिश्रण को चिकने गर्म बर्तन में भरकर उसमें इतना गाय का घी मिलायें, कि मिश्रण अच्छी तरह भीग जाये। इसे नियमित 6 से 20 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से एक दो सप्ताह में चेचक आदि विस्फोटक रोग होने के बाद जो जलन शरीर में हो जाती है, वह शांत हो जाती है |

  4. प्रात काल उठकर अंगूर का रस सेवन करने से भी उपर्युक्त लाभ हुआ करता है |ग्रीष्म ऋतु में अंगूर का रस तृष्णा और दाह को शांत करता है |अंगूर का रस और द्राक्ष का हिम वायु का अनुलोमन करता है | पित्त को शांत करता है |सुखी खासी के वेग को कम करता है |

  5. वबीज सहित सूखे द्राक्ष 5 तोला ले |उन्हें 1 पाव जल  में किसी कुड़ी में रात भर भिगोकर सुबह चटनी के समान पीस लें और उसी पानी में घोल छानकर नित्य प्रति दिन पीने से मूत्र कृच्छ और मल अवरोध रोग नष्ट हो जाता है |इसके सेवन से उदर में गैस नहीं बनती तथा पेट का भेदी कम हो जाता है |हृद्यपिड़ा ,अंतर्दाह ,हाथ की हथेलियों और पैर के तलवों की जलन भी मिल जाती है |संपूर्ण शरीर का दर्पण हो जाता है |

आलू के फायदे आलू के घरेलु उपाय

खीरा (ककड़ी) के फायदे गुण हिन्दी में 

 

Leave a Reply